रविवार, 11 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
महाराष्ट्र

मुंबई: अवैध मलबा डंपिंग पर BMC का एक्शन, नियम तोड़ने वाले वाहनों पर लगेगा ₹25,000 का जुर्माना

मुंबई में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के अवैध निस्तारण पर लगाम कसने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कड़े कदम उठाए हैं। मानसून के बाद शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता की चिंताओं के…

मुंबई: अवैध मलबा डंपिंग पर BMC का एक्शन, नियम तोड़ने वाले वाहनों पर लगेगा ₹25,000 का जुर्माना
(फोटो: IANS)

मुंबई में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे के अवैध निस्तारण पर लगाम कसने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कड़े कदम उठाए हैं। मानसून के बाद शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता की चिंताओं के बीच, बीएमसी अब सोमवार से नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाएगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला मुंबई में हर दिन पैदा होने वाले हजारों टन मलबे के अवैज्ञानिक निपटान को रोकने के लिए लिया गया है।

विज्ञापन

नए नियमों के तहत, निर्माण सामग्री या मलबा ले जाने वाले किसी भी वाहन में अगर अधिकृत व्हीकल ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (वीटीएमएस) नहीं लगा है, तो उस पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, जिन निर्माण परियोजनाओं ने बीएमसी के मुंबई डेब्रिस कंट्रोल एंड ट्रैकिंग सिस्टम (एमडीसीटीएस) पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें भी प्रत्येक उल्लंघन के लिए इतनी ही राशि का जुर्माना भरना होगा।

क्यों पड़ी इस सख्ती की ज़रूरत?

दरअसल, मुंबई में रोजाना 8,000 टन से ज्यादा निर्माण और तोड़-फोड़ का मलबा निकलता है, जबकि शहर की कुल प्रसंस्करण क्षमता केवल 1,200 टन प्रतिदिन है। दहिसर और शिलफाटा में स्थित दो केंद्र मिलकर भी इस विशाल मात्रा का एक छोटा हिस्सा ही संसाधित कर पाते हैं। इस बड़े अंतर के कारण, मलबे को अवैध रूप से सड़कों के किनारे, खाली भूखंडों, नालों, खाड़ियों और यहां तक कि मैंग्रोव क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचता है।

क्या है बीएमसी की नई ट्रैकिंग प्रणाली?

इस समस्या से निपटने के लिए बीएमसी ने 24 अगस्त को एमडीसीटीएस पोर्टल लॉन्च किया था। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो मलबे को उसके स्रोत से लेकर निस्तारण केंद्र तक ट्रैक करता है। इससे अधिकारियों को मलबा ले जाने वाले वाहनों की रियल-टाइम निगरानी करने और अवैध डंपिंग के संदिग्ध मामलों को पकड़ने में मदद मिलती है।

अनिवार्य नियम:

बीएमसी ने सभी ठेकेदारों, सरकारी एजेंसियों और निजी डेवलपरों के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। उन्हें मलबा प्रबंधन की एक विस्तृत योजना भी देनी होगी। साथ ही, मलबा ढोने वाले सभी वाहनों में जीपीएस-सक्षम वीटीएमएस लगाना और निर्धारित मार्गों का पालन करना आवश्यक है। आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त से 9 अक्टूबर के बीच पोर्टल पर कुल 220 पंजीकरण हुए हैं, जिनमें बिल्डर, ट्रांसपोर्टर और सरकारी एजेंसियां शामिल हैं।

इनपुट: IANS

N

News4Social महाराष्ट्र डेस्क

News4Social महाराष्ट्र डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से महाराष्ट्र से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →