गुरूवार, 20 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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पंजाब: ED के आरोपों पर पुलिस की 13 दिन की चुप्पी, भाजपा ने उठाई CBI जांच की मांग

पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भेजे गए एक मामले पर राज्य पुलिस की 13 दिनों की निष्क्रियता को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के…

पंजाब: ED के आरोपों पर पुलिस की 13 दिन की चुप्पी, भाजपा ने उठाई CBI जांच की मांग
(फोटो: IANS)

पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भेजे गए एक मामले पर राज्य पुलिस की 13 दिनों की निष्क्रियता को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े एक अधिकारी पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए एक स्वतंत्र केंद्रीय जांच आवश्यक है।

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मामला तब सामने आया जब ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई अपनी जांच से जुड़ी सामग्री पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव को भेजी। एजेंसी के मुताबिक, इस सामग्री से कई संज्ञेय अपराधों के होने के संकेत मिलते हैं। इन आरोपों में आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार, गोपनीय सरकारी सूचनाओं का लीक होना और अवैध रिश्वतखोरी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय पर लगे आरोप

इस मामले ने इसलिए तूल पकड़ा है क्योंकि ED की जांच सामग्री में पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष ड्यूटी अधिकारी (OSD) के रूप में कार्यरत राजबीर घुमन का नाम है। सामग्री में घुमन के एक निजी व्यक्ति नितिन गोहल के साथ कथित समन्वय का भी उल्लेख है, जिसमें तबादलों-नियुक्तियों से लेकर सरकारी नीतियों, टेंडरों, भूमि मामलों और लाइसेंसों में हेरफेर कर वित्तीय लाभ लेने जैसे आरोप शामिल हैं।

भाजपा नेता विजय सांपला ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की जानकारी के बिना उनके कार्यालय से जुड़े व्यक्ति के इर्द-गिर्द इतना बड़ा नेटवर्क कैसे काम कर सकता था। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री को अब इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।"

सीबीआई जांच की मांग क्यों?

सांपला ने इस बात पर जोर दिया कि चूंकि भगवंत मान राज्य के गृह मंत्री भी हैं और पंजाब पुलिस सीधे राज्य सरकार के अधीन काम करती है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए मामला CBI को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि मुख्यमंत्री को वास्तव में इन गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है, तो उन्हें स्वयं सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए।"

भाजपा ने मांग की है कि ED द्वारा मांगी गई FIR तुरंत दर्ज की जाए, सभी डिजिटल, दस्तावेजी और वित्तीय सबूतों को संरक्षित किया जाए और नितिन गोहल व राजबीर घुमन समेत सभी नामित व्यक्तियों की भूमिका की समयबद्ध जांच हो। सांपला ने कहा, "पंजाब को स्पष्टीकरण नहीं, निष्पक्ष जांच की जरूरत है; राजनीतिक बहाने नहीं, एफआईआर की जरूरत है।"

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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