झारखंड: NDPS केस से नाम हटाने के बदले रिश्वत, थाना प्रभारी को ACB ने रंगे हाथ पकड़ा
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। यहाँ एक थाना प्रभारी को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है…
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। यहाँ एक थाना प्रभारी को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी सब-इंस्पेक्टर मनीष कुमार बंदगांव थाने का प्रभारी था और एक NDPS एक्ट के मामले में राहत देने के एवज में पैसे की मांग कर रहा था।
यह मामला तब सामने आया जब कारिका निवासी बिजराय मुंडू ने जमशेदपुर स्थित एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया था कि थाना प्रभारी मनीष कुमार, बंदगांव थाना कांड संख्या 07/2025 (NDPS एक्ट) से उनके बड़े भाई लखो मुंडू उर्फ गुजुरू का नाम हटाने के लिए 20,000 रुपए मांग रहे थे।
ACB ने जाल बिछाकर की गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले अपने स्तर पर इसकी जांच की। जब रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई, तो 19 अगस्त 2026 को जमशेदपुर एसीबी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(ए) के तहत मामला (कांड संख्या 04/2026) दर्ज किया गया।
एजेंसी के मुताबिक, इसके बाद गुरुवार को एक योजना के तहत जाल बिछाया गया। जैसे ही शिकायतकर्ता बिजराय मुंडू ने थाना प्रभारी को 15,000 रुपए दिए, पहले से तैयार एसीबी के अधिकारियों ने मनीष कुमार को मौके पर ही दबोच लिया। उनके पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी थाना प्रभारी को अपने साथ जमशेदपुर ले गई। वहां उससे पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। आरोपी को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसीबी के अधिकारियों ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
इनपुट: IANS



