गुरूवार, 20 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

वीणा विजयन मामला: ED की जांच पर केरल में सियासी घमासान, सहयोगी CPI ने CPI(M) से बनाई दूरी

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़े सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। इस मामले में जहाँ भाजपा और…

वीणा विजयन मामला: ED की जांच पर केरल में सियासी घमासान, सहयोगी CPI ने CPI(M) से बनाई दूरी
(फोटो: IANS)

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़े सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। इस मामले में जहाँ भाजपा और कांग्रेस, पिनाराई विजयन और CPI(M) पर हमलावर हैं, वहीं वामपंथी गठबंधन (LDF) की प्रमुख सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने इस पूरे विवाद से खुद को अलग कर लिया है।

विज्ञापन

समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का ऐसे व्यावसायिक लेन-देन से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, "सीपीआई इसका हिस्सा नहीं है और ऐसी लेन-देन की व्यवस्थाओं में उसकी कोई भूमिका नहीं है। हमारी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है और न ही हमारी इसमें कोई भूमिका होगी।" विश्वम ने इस बात पर भी जोर दिया कि वामपंथी राजनीति और व्यापार दो पूरी तरह से अलग चीजें हैं।

ED के आरोप और भाजपा के हमले

प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेज़ों में 20 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लेन-देन का ब्योरा मिला है। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित तौर पर 85 लाख रुपये विदेशी संचार या हवाला चैनलों के जरिए दुबई भेजे गए थे। हालांकि, ये आरोप अभी जांच का हिस्सा हैं और अदालत ने इनकी पुष्टि नहीं की है।

इस बीच, राज्य भाजपा के उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर सीधा हमला बोला है। जॉर्ज, जो लगभग दो साल से यह मामला उठा रहे हैं, ने आरोप लगाया कि वीणा से जुड़ी कंपनियों का इस्तेमाल कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया। उन्होंने दावा किया कि यह भ्रष्टाचार उस समय से जारी है जब विजयन राज्य के बिजली मंत्री थे। शोन जॉर्ज ने पिनाराई विजयन से केरल में विपक्ष के नेता पद से इस्तीफे की भी मांग की है।

अन्य दलों की प्रतिक्रिया

विवाद में आम आदमी पार्टी के केरल प्रमुख और उद्योगपति साबू जैकब ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ईडी के जांच निष्कर्षों का हवाला देते हुए पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास के सीपीआई(एम) राज्य सचिवालय से इस्तीफे की मांग की। जैकब ने एक आईटी इंजीनियर के रूप में वीणा विजयन की पेशेवर विशेषज्ञता पर भी सवाल उठाया, जिसके आधार पर उन्होंने सलाहकार के तौर पर मोटी फीस ली।

कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सबसे पहले पिनाराई विजयन और सीपीआई(एम) की आलोचना की थी। वहीं, सीपीआई के इस तरह दूरी बनाने से एलडीएफ के भीतर भी असहज स्थिति पैदा हो गई है, क्योंकि यह सवाल उठ रहा है कि क्या कांग्रेस या यूडीएफ के किसी नेता पर ऐसे आरोप लगने पर भी वाम दल यही रुख अपनाते।

इनपुट: IANS

N

News4Social राजनीति डेस्क

News4Social राजनीति डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राजनीति और चुनाव से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →