ओडिशा पर मौसम की मार: बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव से कई जिलों में भारी बारिश, रेड अलर्ट जारी
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के कारण ओडिशा के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मौसम प्रणाली के…
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के कारण ओडिशा के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मौसम प्रणाली के प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है और मुख्यमंत्री ने 'जीरो कैजुअल्टी' नीति पर जोर दिया है।
यह गहरा दबाव 7 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसका केंद्र वर्तमान में आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और ओडिशा के गोपालपुर से करीब 160 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के सूत्रों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले कुछ घंटों में विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच तट को पार कर सकता है।
कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चार जिलों—कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए रेड वार्निंग जारी की है। इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका है। इसके अलावा, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, पुरी, खुर्दा, नयागढ़, कंधमाल, बौध, सुबरनपुर, बरगढ़, बलांगीर और नुआपाड़ा जिलों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश और तेज हवाओं का अनुमान
IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि पिछले 24 घंटों में ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। राज्य में 35 जगहों पर 7 से 12 सेंटीमीटर की भारी बारिश हुई, जबकि 10 जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। कोरापुट जिले के सिमिलिगुडा में सबसे ज़्यादा 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम प्रणाली के तट पार करने के दौरान तटीय इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
राज्य सरकार की तैयारी
बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने सरकार की ‘जीरो कैजुअल्टी’ नीति पर बल दिया। किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरे राज्य में ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की 33 टीमें और फायर सर्विस की 381 टीमें तैनात कर दी गई हैं।
इनपुट: IANS



