गुरूवार, 20 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
अपराध

चेन्नई: 2.39 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में पूर्व DGM समेत छह को 10 साल की सज़ा

चेन्नई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े करीब 2.39 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने बैंक के एक पूर्व डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) और तमिलनाडु सरकार के…

चेन्नई: 2.39 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी में पूर्व DGM समेत छह को 10 साल की सज़ा
(फोटो: IANS)

चेन्नई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े करीब 2.39 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने बैंक के एक पूर्व डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) और तमिलनाडु सरकार के तीन कर्मचारियों सहित कुल छह लोगों को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सज़ा के साथ-साथ सभी दोषियों पर कुल 2.70 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

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यह मामला एक दशक से भी ज्यादा पुराना है, जिसे बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर सीबीआई ने 19 मई, 2010 को दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी। इस साजिश के तहत, उन्होंने जाली और झूठे दस्तावेज़ों का इस्तेमाल कर बैंक से विभिन्न प्रकार की क्रेडिट सुविधाएँ हासिल कीं, जिससे बैंक को 2,38,97,000 रुपये का भारी नुकसान हुआ।

कौन-कौन हैं दोषी?

गुरुवार को सुनाए गए इस फैसले में जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है, उनमें बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व DGM एन. वेंकटाचलम भी शामिल हैं। उनके अलावा, तमिलनाडु सरकार के तीन कर्मचारी—शोलिंगनल्लूर तालुक कार्यालय के रिकॉर्ड क्लर्क एम. शिवकुमार, पझावंथंगल के तत्कालीन ग्राम प्रशासनिक अधिकारी (VAO) टी. दशरथन और एक अन्य पूर्व VAO एम. मनिचावेलु को भी सज़ा हुई है। दो अन्य दोषी निजी व्यक्ति हैं, जिनके नाम ओ.पी. थमरई पू और पी. थंडापानी हैं।

लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद फैसला

सीबीआई ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 28 दिसंबर, 2011 को कुल 12 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें पांच सरकारी कर्मचारी और सात निजी व्यक्ति शामिल थे। कई वर्षों तक चले मुकदमे के बाद, अदालत ने जीवित बचे छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। इस मामले में एक अन्य आरोपी, भूमि और सर्वेक्षण विभाग के निलंबित सीनियर ड्राफ्ट्समैन वी. उमापति के खिलाफ कार्यवाही को अलग कर दिया गया है और उनका मामला अलग से चल रहा है।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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