बेटी की दूसरी बरसी: दुष्कर्म-हत्याकांड की पीड़ा में भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ 7 दिन के एकांतवास में
पश्चिम बंगाल की पानीहाटी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने सात दिनों के लिए सार्वजनिक जीवन से दूर रहने का फैसला किया है। यह निर्णय उन्होंने अपनी बेटी की दूसरी बरसी से पहले लिया है, जिसकी…
पश्चिम बंगाल की पानीहाटी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने सात दिनों के लिए सार्वजनिक जीवन से दूर रहने का फैसला किया है। यह निर्णय उन्होंने अपनी बेटी की दूसरी बरसी से पहले लिया है, जिसकी दो साल पहले कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, रत्ना देबनाथ ने रविवार रात एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस एकांतवास की घोषणा की। अपनी बंगाली भाषा की पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैं व्यक्तिगत कारणों से सभी से सात दिनों का समय मांग रही हूं। मैं अगले सात दिनों तक किसी से फोन या पर्सनली कॉन्टैक्ट नहीं कर पाऊंगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान वह किसी भी राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी, हालांकि उनका विधायक कार्यालय सामान्य रूप से काम करता रहेगा।
दो साल पुराना दर्दनाक हादसा
यह मामला 8 अगस्त 2024 की रात का है, जब आर.जी. कर अस्पताल में कार्यरत उनकी बेटी, जो एक युवा डॉक्टर थीं, के साथ दुष्कर्म कर उनकी हत्या कर दी गई थी। उनका शव अगले दिन यानी 9 अगस्त की सुबह अस्पताल के एक सेमिनार हॉल से बरामद हुआ था। इस जघन्य अपराध ने पूरे पश्चिम बंगाल और देश में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।
मामले की जांच शुरू में कोलकाता पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में अदालत के हस्तक्षेप के बाद इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया था।
पीड़िता की माँ का दर्द
विधायक बनने के बाद से ही रत्ना देबनाथ अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करती रही हैं। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने उस भयावह रात को याद करते हुए कहा था, “जरा सोचिए कि 8 अगस्त की रात, जब दुनिया सो रही थी, मेरी बेटी को कितना दर्द सहना पड़ा होगा।” अब उसी घटना की दूसरी बरसी पर उन्होंने कुछ समय अकेले रहकर अपनी बेटी को याद करने का फैसला किया है।
इनपुट: IANS



