दिवाली पर महाराष्ट्र में बस किराया नहीं बढ़ेगा, MSRTC ने 15% बढ़ोतरी का प्रस्ताव खारिज किया
महाराष्ट्र में दिवाली के त्योहार पर अपने घर जाने की योजना बना रहे लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के उस प्रस्ताव को खारिज कर…
महाराष्ट्र में दिवाली के त्योहार पर अपने घर जाने की योजना बना रहे लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें त्योहारी सीजन के दौरान बस किराए में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की बात कही गई थी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आम लोगों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ का हवाला देते हुए यह फैसला लिया है।
MSRTC आम तौर पर दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए परिचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए किराए में अस्थायी वृद्धि करता है। इस साल भी 1 नवंबर से 15 नवंबर के बीच 15% किराया बढ़ाने का प्रस्ताव निगम के चेयरमैन और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को भेजा गया था, जिसे उन्होंने गुरुवार को रद्द कर दिया।
आम आदमी के हित में फैसला
मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस प्रस्ताव को खारिज करने के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि सूखे से प्रभावित किसान, महंगाई से जूझ रहे परिवार और कामकाजी वर्ग पहले से ही आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "ऐसे में उन पर किराए में बढ़ोतरी का अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जाए?"
उन्होंने कहा कि संकट के समय में लोगों को राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है। मंत्री के अनुसार, "संकट के समय में लोगों की आंखों से आंसू पोंछना उनकी जेब से पैसे निकालने से कहीं ज्यादा जरूरी है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि MSRTC को अपने वित्तीय घाटे को पूरा करने के लिए दूसरे रास्ते खोजने होंगे, लेकिन इसका बोझ यात्रियों पर नहीं डाला जा सकता।
'लालपरी' है ग्रामीण महाराष्ट्र की जीवनरेखा
MSRTC की बसें, जिन्हें 'लालपरी' के नाम से भी जाना जाता है, ग्रामीण महाराष्ट्र में किसानों, मजदूरों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए परिवहन का मुख्य साधन हैं। सरनाईक ने कहा कि दूर-दराज के गांवों तक सस्ती और सुरक्षित परिवहन सेवा देना निगम का मूल कर्तव्य है।
यह पहली बार नहीं है जब किराए में बढ़ोतरी का प्रस्ताव वापस लिया गया हो। हाल ही में गणेशोत्सव के दौरान भी 30 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव यात्रियों के कड़े विरोध के बाद वापस ले लिया गया था। इससे पहले, जुलाई 2026 में MSRTC ने परिचालन लागत को देखते हुए किराए में 13.56 प्रतिशत की वृद्धि की थी।
इनपुट: IANS



