तेलंगाना में विदेशी कोयला आयात पर सियासी घमासान, KTR ने लगाया 3000 करोड़ के घोटाले का आरोप
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पर विदेशी कोयला आयात के बहाने एक बड़े घोटाले की तैयारी का आरोप लगा है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (KTR) ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी…
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पर विदेशी कोयला आयात के बहाने एक बड़े घोटाले की तैयारी का आरोप लगा है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (KTR) ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर जानबूझकर बिजली और कोयले का संकट पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सब एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने और ₹3,000 करोड़ का घोटाला करने के लिए किया जा रहा है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केटीआर ने गुरुवार को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का और केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी को एक खुला पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सरकारी कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज को कमजोर कर रही है और 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' नाम की कंपनी के साथ संदिग्ध समझौतों के जरिए महंगे विदेशी कोयले के आयात का रास्ता बना रही है।
घोटाले का आरोप और जांच की मांग
बीआरएस नेता ने दावा किया है कि इस प्रस्तावित आयात सौदे में प्रति टन ₹1,500 का कमीशन शामिल हो सकता है, जो कुल मिलाकर ₹3,000 करोड़ का एक बड़ा घोटाला होगा। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की एक स्वतंत्र जांच की मांग की है। केटीआर ने सवाल उठाया कि 'भोट्रा लॉजिस्टिक्स' को किस आधार पर इस काम के लिए चुना जा रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आयात शुरू होने से पहले ही सरकार को बातचीत, टेंडर दस्तावेज़, समझौते और कीमत जैसी सभी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
सिंगरेनी के उत्पादन पर सवाल
पूर्व मंत्री ने सरकारी कोयला कंपनी सिंगरेनी के घटते उत्पादन पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि जहां 2023-24 में उत्पादन लगभग 70.02 मिलियन टन था, वहीं 2025-26 तक इसके घटकर 58 मिलियन टन रह जाने का अनुमान है। उन्होंने पूछा कि जब राज्य में बिजली की मांग बढ़ने की उम्मीद है, तो घरेलू उत्पादन बढ़ाने की जगह इसे क्यों कमजोर किया जा रहा है? केटीआर ने सिंगरेनी के लगभग ₹60,000 करोड़ के बकाया भुगतान का पूरा विवरण भी मांगा है।
घरेलू आपूर्ति को नजरअंदाज करने का आरोप
यादाद्री थर्मल पावर स्टेशन का उल्लेख करते हुए केटीआर ने याद दिलाया कि सिंगरेनी की खदानों से इसे सालाना 14 मिलियन टन कोयला देने के लिए अप्रैल 2022 में समझौता हुआ था। उन्होंने पूछा कि विदेशी कोयले का प्रस्ताव लाने से पहले घरेलू आपूर्ति की समस्याओं को क्यों नहीं सुलझाया गया? उन्होंने इस सौदे पर एक श्वेत पत्र जारी करने की भी मांग की और चेतावनी दी कि अगर सिंगरेनी को कमजोर करने की कोई कोशिश हुई तो बीआरएस इसका कड़ा विरोध करेगी।
इनपुट: IANS



