बारुईपुर नाबालिग रेप-मर्डर कांड: 60 दिन के भीतर 702 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, 4 आरोपी
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्या के सनसनीखेज मामले में जांच सिर्फ 60 दिनों में पूरी कर ली गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मामले…
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्या के सनसनीखेज मामले में जांच सिर्फ 60 दिनों में पूरी कर ली गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने गुरुवार को बारुईपुर जिला अदालत में 702 पन्नों की पहली चार्जशीट दाखिल कर दी। यह घटना 4 जुलाई को हुई थी, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था।
जुलाई में हुई इस घटना के बाद पीड़िता 4 जुलाई की दोपहर से लापता हो गई थी। अगले दिन, 5 जुलाई की सुबह, उसका शव बारुईपुर थाना क्षेत्र के सूर्यपुर इलाके में एक तालाब से बरामद किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्रूरता का खुलासा
जांच में पता चला कि पीड़िता को बोरे में बंद कर तालाब में फेंके जाने के वक्त वह जिंदा थी। ऑटोप्सी रिपोर्ट के मुताबिक, उसके सिर और गुप्तांगों पर गंभीर चोटें थीं। मौत की दो वजहें बताई गईं — अत्यधिक खून बहना और पानी में दम घुटना। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत एक एसआईटी का गठन कर जांच के आदेश दिए थे।
चार गिरफ्तार, एक एनकाउंटर में मारा गया
पुलिस ने इस मामले में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक मुख्य आरोपी, प्रभास मंडल, पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान एक मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस के अनुसार, उसने एक अधिकारी से हथियार छीनने का प्रयास किया था।
इन धाराओं में लगाए गए हैं आरोप
एसआईटी ने चार्जशीट में बचे हुए आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और पॉक्सो एक्ट, 2012 के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें हत्या (धारा 103(1)), गैंगरेप (धारा 70(2)), नाबालिग से रेप (धारा 65(1)), अपहरण (धारा 137(2)), आपराधिक साजिश (धारा 61) और सबूत मिटाने (धारा 238) जैसी कई संगीन धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा, बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धारा 6 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
इनपुट: IANS



