कर्नाटक: बागलकोट में सूखे से फसलें तबाह, मुख्यमंत्री शिवकुमार ने राहत का भरोसा दिया
कर्नाटक के बागलकोट जिले में सूखे की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे सूरजमुखी, मिर्च और दालों जैसी प्रमुख फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। शुक्रवार को जिले के चार तालुकों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री…
कर्नाटक के बागलकोट जिले में सूखे की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे सूरजमुखी, मिर्च और दालों जैसी प्रमुख फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। शुक्रवार को जिले के चार तालुकों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने किसानों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने खेतों का निरीक्षण करने के बाद कहा कि सरकार फसल बर्बादी से प्रभावित किसानों को राहत देने के उपायों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
शिरूर गांव में खेतों की स्थिति का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने बागलकोट जिले के चार तालुकों का दौरा किया है और कहीं भी फसलें ठीक से नहीं उगी हैं। सूरजमुखी, मिर्च, कुलथी या अरहर की फसलें नहीं हैं।" उन्होंने बताया कि कुछ किसानों ने 20 से 30 एकड़ में खेती की है और उनके पास फसल बीमा है, लेकिन स्थिति चिंताजनक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों और स्थानीय विधायकों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर राहत के विकल्पों पर काम करेंगे।
केंद्र सरकार से कर्जमाफी की अपील
डी.के. शिवकुमार ने किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार से आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हुई कृषि ऋण माफी का जिक्र करते हुए कहा, "केंद्र को किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। यह भाजपा की जिम्मेदारी है। उसके नेताओं को केंद्र और प्रधानमंत्री पर किसानों का कर्ज माफ करने के लिए दबाव डालना चाहिए।" उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की बुवाई, खेती और ट्रैक्टर पर होने वाले खर्च का अध्ययन कर रही है ताकि अतिरिक्त सहायता दी जा सके।
फसल बीमा में देरी और गड़बड़ी
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि फसल बीमा के दावों के भुगतान में देरी हो रही है और पुराने क्लेम का पैसा अभी तक जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को हल करने के लिए बैठकें की जा रही हैं। बागलकोट में फसल बीमा योजना में 30 करोड़ रुपए की कथित गड़बड़ी पर उन्होंने कहा, "बीमा के मामले में एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। यह पूरे राज्य में फैला नेटवर्क है। मैं इसकी रिपोर्ट मंगाऊंगा और बेंगलुरु में बैठक करूंगा।"
जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में शिवकुमार ने बताया कि बागलकोट में बारिश में लगभग 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिससे जिले के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ फसलें हरी दिख सकती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनमें पैदावार होगी।
इनपुट: IANS



