सिक्किम: विपक्षी पार्टी के कार्यक्रम में पुलिसकर्मी से बदसलूकी का आरोप, CAP ने किया खंडन
सिक्किम में एक पुलिस अधिकारी ने विपक्षी दल 'सिटिजन एक्शन पार्टी' (CAP) पर ड्यूटी के दौरान बदसलूकी और पार्टी में शामिल होने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है…
सिक्किम में एक पुलिस अधिकारी ने विपक्षी दल 'सिटिजन एक्शन पार्टी' (CAP) पर ड्यूटी के दौरान बदसलूकी और पार्टी में शामिल होने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना शुक्रवार को रानीपूल के मारचक इलाके में पार्टी के एक सदस्यता कार्यक्रम के दौरान हुई। वहीं, पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि अधिकारी ने स्वेच्छा से कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।
गंगटोक जिला पुलिस के अनुसार, स्पेशल ब्रांच के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) लाकपा शेरिंग भूटिया को कानून-व्यवस्था का जायजा लेने के लिए कार्यक्रम स्थल पर तैनात किया गया था। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि जब वहां मौजूद लोगों को उनके पुलिस अधिकारी होने का पता चला तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया।
पुलिसकर्मी के आरोप और दर्ज मामला
गंगटोक के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) के बयान के मुताबिक, ASI भूटिया ने दावा किया कि लोगों ने उनका कॉलर पकड़ा, उन्हें धक्का दिया और कार्यक्रम स्थल से बाहर जाने से भी रोका। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपनी आधिकारिक ड्यूटी करते समय उन पर राजनीतिक पार्टी में शामिल होने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की गई।
उनकी लिखित शिकायत के आधार पर रानीपूल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में सरकारी कर्मचारी पर हमला, गलत तरीके से रोकना, आपराधिक धमकी और गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होना शामिल है।
विपक्षी पार्टी का पक्ष
दूसरी ओर, सिटिजन एक्शन पार्टी ने पुलिस अधिकारी पर किसी भी तरह के दबाव या जबरदस्ती के आरोप का खंडन किया है। पार्टी प्रवक्ता अल्बर्ट गुरुंग ने दावा किया कि ASI ने कार्यक्रम में स्वेच्छा से शामिल होने से पहले अपना गलत नाम बताया था। गुरुंग ने कहा, “इस प्रक्रिया में कोई जबरदस्ती नहीं थी,” और सवाल उठाया कि अगर अधिकारी को मजबूर किया गया था तो उन्होंने तुरंत आपत्ति क्यों नहीं जताई। उन्होंने यह भी बताया कि कथित घटना के समय कार्यक्रम में मीडियाकर्मी भी मौजूद थे।
जांच की वर्तमान स्थिति
पुलिस ने बताया है कि संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और उनकी मेडिकल जांच कराई गई है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत कानूनी नोटिस भी जारी किए गए हैं। सिक्किम पुलिस का कहना है कि जांच को प्राथमिकता दी जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच में मिले सबूतों पर निर्भर करेगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ड्यूटी पर मौजूद किसी भी कर्मी के खिलाफ बाधा, धमकी या बल प्रयोग को गंभीरता से लेती है और जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
इनपुट: IANS



