गुवाहाटी ड्रग्स केस: 2 किलो मेथामफेटामाइन के साथ पकड़े गए तीन तस्करों को 15 साल की सज़ा
गुवाहाटी की एक विशेष अदालत ने अक्टूबर 2020 में 2 किलो से अधिक मेथामफेटामाइन टैबलेट की तस्करी के एक मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराते हुए 15 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। समाचार एजेंसी IANS की…
गुवाहाटी की एक विशेष अदालत ने अक्टूबर 2020 में 2 किलो से अधिक मेथामफेटामाइन टैबलेट की तस्करी के एक मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराते हुए 15 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों दोषियों पर 2-2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में उन्हें एक साल अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
यह फैसला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की गुवाहाटी जोनल यूनिट द्वारा दायर मामले में आया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी। 3 सितंबर को सुनाए गए अपने फैसले में, कामरूप (मेट्रो) जिले की विशेष एनडीपीएस अदालत ने आरोपियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 की कई धाराओं के तहत दोषी पाया।
क्या था पूरा मामला?
NCB की गुवाहाटी यूनिट ने एक गुप्त सूचना के आधार पर 14 अक्टूबर 2020 को कार्रवाई की थी। एजेंसी ने गुवाहाटी के सिक्स माइल-खानापारा इलाके में वीआईपी रोड पर स्थित रहमान हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के पास से 2.146 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट जब्त किए थे।
इस प्रतिबंधित पदार्थ की बरामदगी के बाद मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनकी पहचान मणिपुर निवासी शकील खान और मोहम्मद याहिया खान तथा बिहार के रहने वाले मिथिलेश कुमार के रूप में हुई थी। गिरफ्तारी के बाद, NCB ने एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच और अदालती कार्यवाही
मामले की जांच पूरी करने के बाद, एंटी-नारकोटिक्स एजेंसी ने 8 अप्रैल 2021 को अदालत में अपनी शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की। लंबी सुनवाई के बाद, अदालत ने शकील खान, याहिया खान और मिथिलेश कुमार को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 22(सी), 28, 29, 35 और 54 के तहत दोषी करार दिया।
NCB ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह संगठित ड्रग तस्करी के प्रति गंभीरता को दर्शाता है और नारकोटिक्स नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को पुष्ट करता है।
इनपुट: IANS



