बैंकों का मिनिमम बैलेंस जुर्माना: पिछले चार साल में ग्राहकों से वसूले ₹26,170 करोड़, निजी बैंक सबसे आगे
अगर आपके बैंक खाते में तय न्यूनतम राशि नहीं रहती, तो बैंक आपसे जुर्माना वसूलते हैं। इसी जुर्माने के तौर पर देश के बैंकों ने पिछले चार वित्तीय वर्षों (वित्त वर्ष 2023 से 2026) में ग्राहकों से 26,170…
अगर आपके बैंक खाते में तय न्यूनतम राशि नहीं रहती, तो बैंक आपसे जुर्माना वसूलते हैं। इसी जुर्माने के तौर पर देश के बैंकों ने पिछले चार वित्तीय वर्षों (वित्त वर्ष 2023 से 2026) में ग्राहकों से 26,170 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम वसूली है। संसद में सरकार द्वारा पेश किए गए ये आँकड़े दिखाते हैं कि इस वसूली में निजी क्षेत्र के बैंक, सरकारी बैंकों से कहीं आगे हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, अकेले वित्त वर्ष 2026 में ही सभी बैंकों ने मिलकर 7,086.63 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला।
इन आँकड़ों से एक दिलचस्प तस्वीर उभरती है। वित्त वर्ष 2026 में वसूले गए कुल जुर्माने में से निजी बैंकों का हिस्सा 4,948.71 करोड़ रुपये था, जो सरकारी बैंकों द्वारा वसूले गए 2,137.92 करोड़ रुपये के दोगुने से भी ज़्यादा है।
किस बैंक ने कितना जुर्माना वसूला?
निजी बैंक: वित्त वर्ष 2026 में सबसे ज़्यादा जुर्माना वसूलने में HDFC बैंक (₹1,798.14 करोड़) और एक्सिस बैंक (₹1,081.33 करोड़) सबसे आगे रहे। इन दोनों बैंकों ने मिलकर ही निजी बैंकों के कुल जुर्माने का लगभग 58% हिस्सा वसूल लिया। अन्य प्रमुख निजी बैंकों में आईसीआईसीआई बैंक (₹353.50 करोड़), कोटक महिंद्रा बैंक (₹290.65 करोड़), यस बैंक (₹195.05 करोड़) और आईडीबीआई बैंक (₹175.15 करोड़) शामिल हैं।
सरकारी बैंक: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने सबसे अधिक 477.27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा (₹394.10 करोड़) और इंडियन बैंक (₹299.17 करोड़) का स्थान रहा। सरकार ने स्पष्ट किया कि SBI द्वारा बताई गई यह राशि केवल चालू खातों (Current Accounts) से संबंधित है, क्योंकि बैंक ने मार्च 2020 से बचत खातों पर यह जुर्माना लगाना बंद कर दिया है।
सरकारी बैंकों में घट रहा है शुल्क
सरकार के मुताबिक, हाल के वर्षों में सरकारी बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस शुल्क में काफी कमी की है। देश के 12 सरकारी बैंकों में से 10 ने बचत खातों पर यह शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA) और प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए खातों पर न्यूनतम बैलेंस की कोई शर्त लागू नहीं होती। वर्तमान में ऐसे करीब 73 करोड़ खातों पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगता है।
इनपुट: IANS



