शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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बांग्लादेश: काशीमपुर जेल में अवामी लीग के कैदियों से दुर्व्यवहार का आरोप, स्वतंत्र जांच की मांग तेज

बांग्लादेश की काशीमपुर हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में राजनीतिक बंदियों के साथ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं, जिस पर अवामी लीग ने गहरी चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट…

बांग्लादेश: काशीमपुर जेल में अवामी लीग के कैदियों से दुर्व्यवहार का आरोप, स्वतंत्र जांच की मांग तेज
(फोटो: IANS)

बांग्लादेश की काशीमपुर हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में राजनीतिक बंदियों के साथ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं, जिस पर अवामी लीग ने गहरी चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी ने दावा किया है कि जेल में बंद अवामी लीग से जुड़े कैदियों को जानबूझकर भोजन और साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है।

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अवामी लीग ने कैदियों के परिवारों और पूर्व बंदियों के हवाले से कहा है कि यह दंडात्मक कार्रवाई अक्सर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सार्वजनिक बयानों के बाद की जाती है। आरोप है कि बुधवार को जब हसीना ने एक वर्चुअल संबोधन दिया, तो उसके बाद कैदियों को दिनभर भोजन नहीं दिया गया। यहां तक कि जो कैदी अपने पैसे से जेल की कैंटीन से कुछ खरीदना चाहते थे, उन्हें भी कथित तौर पर रोक दिया गया।

अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोप

एक पूर्व कैदी ने स्थिति को भयावह बताते हुए आरोप लगाया कि कई बार कैदियों को पीने के लिए सुरक्षित पानी की जगह शौचालय का पानी इस्तेमाल करने पर मजबूर किया गया। उन्होंने इस व्यवहार को "अमानवीय और मानवीय व्यवहार के बुनियादी मानकों के खिलाफ अपमानजनक" बताया।

अवामी लीग ने कहा है कि यदि ये आरोप सच साबित होते हैं, तो यह कैदियों के साथ व्यवहार के लिए बने संयुक्त राष्ट्र के 'नेल्सन मंडेला नियमों' सहित कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का सीधा उल्लंघन होगा। इन नियमों के तहत सभी कैदियों को बिना किसी भेदभाव के पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सम्मानजनक व्यवहार का अधिकार है।

शेख हसीना का बयान और मौजूदा हालात

यह मामला उस समय सामने आया है जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नई दिल्ली से एक ऑडियो लिंक के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि पिछले दो सालों में बांग्लादेश के हालात और बिगड़े हैं। उन्होंने बीएनपी के सत्ता में आने को "धांधली वाला चुनाव" करार देते हुए कहा कि लोग अब भी डर, असुरक्षा और आर्थिक संकट के माहौल में जी रहे हैं। भारत में पिछले दो साल से निर्वासित जीवन बिता रहीं हसीना ने साल के अंत तक देश लौटने की बात भी कही। इसी पृष्ठभूमि में, अवामी लीग और हिरासत में लिए गए लोगों के परिवारों ने इन आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने बांग्लादेशी अधिकारियों से सभी कैदियों के लिए बुनियादी मानवाधिकार सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

इनपुट: IANS

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