असम के डेयरी किसानों के लिए खुले नए रास्ते, पहली बार भूटान को निर्यात हुई आइसक्रीम
असम के डेयरी सेक्टर ने एक नई आर्थिक उड़ान भरी है। मंगलवार को राज्य ने पहली बार किसी दूसरे देश को डेयरी उत्पादों का व्यावसायिक निर्यात शुरू किया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘पुराबी प्रीमियम’…
असम के डेयरी सेक्टर ने एक नई आर्थिक उड़ान भरी है। मंगलवार को राज्य ने पहली बार किसी दूसरे देश को डेयरी उत्पादों का व्यावसायिक निर्यात शुरू किया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘पुराबी प्रीमियम’ आइसक्रीम की एक बड़ी खेप को पड़ोसी देश भूटान के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह कदम राज्य के हज़ारों डेयरी किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के नए अवसर खोलेगा।
इस पहली खेप में 5,627 लीटर प्रीमियम आइसक्रीम भेजी गई है, जिसे वेस्ट असम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (WAMUL) ने ‘पुराबी डेयरी’ ब्रांड के तहत तैयार किया है। इस आइसक्रीम के लिए इस्तेमाल होने वाला दूध सीधे तौर पर राज्य के सहकारी नेटवर्क से जुड़े किसानों से खरीदा जाता है, जिससे उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय पहल का सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्यात कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से संभव हुआ है।
भूटान के बाज़ारों में असम की आइसक्रीम
पुराबी डेयरी की यह खेप भूटान के प्रमुख शहरों थिम्पू, पारो और फुएंटशोलिंग के बाज़ारों में बेची जाएगी। इसमें बटरस्कॉच, चॉकलेट, चोको चिप्स, स्ट्रॉबेरी, मैंगो और वनीला जैसे कई लोकप्रिय फ्लेवर शामिल हैं। इन उत्पादों की मार्केटिंग नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड (NEDFL) द्वारा की जाएगी। APEDA ने इस अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट के लिए सभी ज़रूरी दस्तावेज़, नियामक मंजूरी और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में NEDFL की मदद की।
सरकारी प्रयासों का नतीजा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह उपलब्धि पिछले पाँच वर्षों में राज्य सरकार द्वारा डेयरी सेक्टर को मज़बूत करने के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि भूटान को आइसक्रीम और अन्य डेयरी उत्पादों का निर्यात अब नियमित रूप से जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी पहलों और बुनियादी ढाँचे के विस्तार की बदौलत असम आज हर दिन लगभग 2.5 लाख लीटर दूध प्रोसेस कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित ‘असम एग्रीबिजनेस एंड रूरल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट’ (APART) का उल्लेख किया, जिसने पुराबी डेयरी की प्रसंस्करण क्षमता को 60,000 लीटर से बढ़ाकर 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम में राज्य के सहकारिता मंत्री कौशिक राय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
इनपुट: IANS



