मणिपुर: कर्नल त्रिपाठी पर हमले का मुख्य आरोपी उग्रवादी गिरफ्तार, NIA ने रखा था 4 लाख का इनाम
मणिपुर में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' (PLA) के एक प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया 28 वर्षीय उग्रवादी 2021 में असम…
मणिपुर में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' (PLA) के एक प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया 28 वर्षीय उग्रवादी 2021 में असम राइफल्स के एक कर्नल, उनके परिवार और अन्य जवानों पर हुए घातक हमले का मुख्य आरोपी था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उस पर 4 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी शनिवार रात थौबल जिले के उशोइपोकपी इलाके से हुई। असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने यह संयुक्त अभियान चलाया था। असम राइफल्स को बिष्णुपुर जिले में उग्रवादी की मौजूदगी की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर सुरक्षाबलों ने शनिवार शाम को एक लक्षित तलाशी अभियान शुरू किया और उसे पकड़ लिया।
कौन है गिरफ्तार उग्रवादी?
पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति की पहचान थियाम बोयचा सिंह उर्फ बालिन के रूप में हुई है, जो खुद को पीएलए का 'कैप्टन' बताता था। वह 13 नवंबर, 2021 को चुराचांदपुर जिले में हुए उस हमले का मुख्य आरोपी है, जिसमें 46 असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनकी पत्नी अनुजा (36), बेटे अबीर (5) और चार अन्य जवान शहीद हो गए थे।
उग्रवादी गतिविधियों में गहरी संलिप्तता
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि बालिन संगठन की कई गतिविधियों में शामिल रहा है। इसमें म्यांमार के एक कैंप में लंबे समय तक रुकना, प्रशिक्षण लेना, युद्ध संबंधी सामानों की खरीद-फरोख्त और दूसरे उग्रवादी गुटों के साथ संपर्क बनाए रखना शामिल है। गिरफ्तार उग्रवादी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए शनिवार रात लिलोंग पुलिस स्टेशन में मणिपुर पुलिस को सौंप दिया गया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह ऑपरेशन क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों के बीच उत्कृष्ट समन्वय को दर्शाता है।
इनपुट: IANS



