बुधवार, 29 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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असम से पहली बार भूटान पहुंची 'पूरबी' आइसक्रीम, डेयरी किसानों के लिए खुले निर्यात के नए रास्ते

असम के डेयरी किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि उनके सहकारी नेटवर्क द्वारा उत्पादित दूध से बनी 'पूरबी' आइसक्रीम अब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पहुंच गई है। मंगलवार को असम से 5,627 लीटर आइसक्रीम…

असम से पहली बार भूटान पहुंची 'पूरबी' आइसक्रीम, डेयरी किसानों के लिए खुले निर्यात के नए रास्ते
(फोटो: IANS)

असम के डेयरी किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि उनके सहकारी नेटवर्क द्वारा उत्पादित दूध से बनी 'पूरबी' आइसक्रीम अब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पहुंच गई है। मंगलवार को असम से 5,627 लीटर आइसक्रीम की पहली खेप पड़ोसी देश भूटान के लिए रवाना की गई, जिससे क्षेत्र में मूल्य-वर्धित डेयरी उत्पादों के निर्यात के लिए नए अवसर खुल गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस खेप को असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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यह निर्यात असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के डेयरी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मौजूदगी को मज़बूत करेगा। यह खेप भूटान के थिम्पू, पारो, फुएंत्शोलिंग और वांगड्यू जैसे प्रमुख शहरों में उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इस पहल से स्थानीय दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ने की उम्मीद है।

किसानों से बाज़ार तक: कौन हैं इस पहल के पीछे?

पूरबी आइसक्रीम को बनाने के लिए दूध वेस्ट असम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (WAMUL) द्वारा संचालित 'पूरबी डेयरी' के किसान नेटवर्क से खरीदा जाता है। WAMUL ही इस आइसक्रीम का निर्माण करती है, जबकि इसकी मार्केटिंग की ज़िम्मेदारी नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड (NEDFL) के पास है। भूटान भेजी गई पहली खेप में कप, फैमिली पैक, कोन और गैलन पैक जैसे विभिन्न उत्पाद शामिल हैं, जो खुदरा और संस्थागत, दोनों तरह के ग्राहकों की ज़रूरतें पूरी करेंगे।

निर्यात को बढ़ावा देने में APEDA की भूमिका

इस निर्यात को सफल बनाने में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने अहम भूमिका निभाई है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, एपीडा ने निर्यात के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ तैयार करने, नियमों का पालन सुनिश्चित करने और बाज़ार तक पहुंच बनाने में मदद की। इस सहयोग से यह सुनिश्चित हुआ कि खेप बिना किसी बाधा के भूटान तक पहुंच सके। एपीडा लगातार पूर्वोत्तर क्षेत्र से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दे रहा है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा कर सकें और वैश्विक बाज़ार में अपनी जगह बना सकें।

इनपुट: IANS

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