बुधवार, 9 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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ED की कार्रवाई पर सवालों से घिरे पूर्व CM पिनाराई विजयन, पत्रकारों से पूछा - 'क्या बाथरूम तक आओगे?'

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवालों पर केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन बुधवार को मीडियाकर्मियों पर भड़क गए। पत्रकारों के लगातार सवालों से…

ED की कार्रवाई पर सवालों से घिरे पूर्व CM पिनाराई विजयन, पत्रकारों से पूछा - 'क्या बाथरूम तक आओगे?'
(फोटो: IANS)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवालों पर केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन बुधवार को मीडियाकर्मियों पर भड़क गए। पत्रकारों के लगातार सवालों से नाराज़ होकर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "क्या आप मेरे साथ बाथरूम तक भी आओगे?"

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह घटना चेंगन्नूर के कलिस्सेरी PWD रेस्ट हाउस में हुई, जहां विजयन चंगनाचेरी जाते समय थोड़ी देर के लिए रुके थे। जब वह अपनी कार से उतरे, तो मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और ED की कार्रवाई पर सवाल पूछना शुरू कर दिया। विजयन ने सवालों को नज़रअंदाज़ किया और रेस्ट हाउस के अंदर चले गए, लेकिन पत्रकार उनके पीछे जाते हुए लगातार सवाल पूछते रहे।

क्यों पूछे जा रहे थे सवाल?

दरअसल, यह पहला मौका था जब विजयन ED द्वारा अपनी जाँच के निष्कर्ष राज्य पुलिस प्रमुख को भेजे जाने के बाद सार्वजनिक रूप से सामने आए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66 (2) के तहत एक अनुरोध भेजा है। इसमें विजयन, उनकी बेटी टी वीणा और दामाद व विधायक पीए मोहम्मद रियास सहित अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है।

गुस्से में विजयन की प्रतिक्रिया

रेस्ट हाउस के अंदर एक कमरे में प्रवेश करने से ठीक पहले विजयन अचानक मुड़े और गुस्से में पत्रकारों से कहा, "मैं यहां आप लोगों से मिलने नहीं आया हूं।" इसके बाद उन्होंने बाथरूम वाली टिप्पणी की। रेस्ट हाउस से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी में बैठते समय भी उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और चंगनाचेरी के लिए रवाना हो गए। उन्हें अलाप्पुझा जिले में एक पार्टी बैठक को भी संबोधित करना था।

मीडिया से टकराव का पुराना इतिहास

पिनाराई विजयन का मीडिया से दूरी बनाए रखना या नाराज़गी जताना कोई नई बात नहीं है। मुख्यमंत्री के तौर पर अपने 10 साल के कार्यकाल में उन्होंने दशकों पुरानी साप्ताहिक कैबिनेट ब्रीफिंग की परंपरा को भी खत्म कर दिया था। उनका रुख हमेशा से यही रहा है कि वह मीडिया की मर्ज़ी से नहीं, बल्कि अपनी मर्ज़ी से बात करेंगे। जुलाई 2017 का एक वीडियो भी काफी चर्चित हुआ था, जिसमें वह भाजपा-आरएसएस नेताओं के साथ बैठक से पहले मीडियाकर्मियों को कमरे से बाहर जाने के लिए कहते दिखे थे।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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