शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
टेक्नोलॉजी

AI से बदलेगा कारोबार का चेहरा: 2030 तक 200 अरब डॉलर के नए अवसर, पर मौजूदा कमाई पर भी असर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित सेवाएं आने वाले वर्षों में टेक्नोलॉजी उद्योग के लिए बड़े अवसर पैदा करने जा रही हैं। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक AI…

AI से बदलेगा कारोबार का चेहरा: 2030 तक 200 अरब डॉलर के नए अवसर, पर मौजूदा कमाई पर भी असर
(फोटो: IANS)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित सेवाएं आने वाले वर्षों में टेक्नोलॉजी उद्योग के लिए बड़े अवसर पैदा करने जा रही हैं। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक AI सर्विसेज़ से 100 से 200 अरब डॉलर के नए कारोबारी अवसर पैदा होने की उम्मीद है। हालांकि, यह तस्वीर एकतरफा नहीं है, क्योंकि इसी अवधि में मौजूदा राजस्व अनुबंधों में लगभग 200 अरब डॉलर की कमी आने की भी आशंका है।

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समाचार एजेंसी IANS के हवाले से गुरुवार को जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि AI के कारण इंडस्ट्री की कुल वृद्धि में 300 से 400 अरब डॉलर का योगदान हो सकता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से 'एजेंटिक सॉल्यूशंस' (AI आधारित स्वायत्त सिस्टम) को विकसित करने और उनके संचालन से आएगी। जैसे-जैसे ये टूल बेहतर होंगे, इस तरह के कामों को आउटसोर्स करना और भी आसान हो जाएगा।

प्रतिभा की नहीं, सही इस्तेमाल की चुनौती

रिपोर्ट एक दिलचस्प पहलू पर रोशनी डालती है कि असली चुनौती AI प्रतिभाओं की कमी नहीं, बल्कि उन्हें सही भूमिका में लगाना है। टेक्नोलॉजी सेवा कंपनियों में AI से जुड़े केवल 10-15% कर्मचारी ही 'एप्लाइड AI' (सीधे तौर पर AI समाधान बनाने वाले) के क्षेत्र में काम करते हैं। इसके विपरीत, AI-केंद्रित कंपनियों में यह आंकड़ा 90-95% तक है। टेक सेवा कंपनियों के बाकी 85-90% कर्मचारी 'इन्फ्यूज्ड AI' के दायरे में आते हैं, जहाँ वे मौजूदा काम को बेहतर बनाने के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं।

बदल रहा है काम और भुगतान का तरीका

BCG की मैनेजिंग डायरेक्टर और पार्टनर स्रेइशा जॉर्ज ने कहा, “एप्लाइड एआई के क्षेत्र में काम करने में सक्षम लोग पहले से ही काफी हद तक कंपनियों के पेरोल पर मौजूद हैं और ग्राहक अब घंटों के हिसाब से भुगतान करने के बजाय नतीजों के आधार पर भुगतान करने की ओर बढ़ रहे हैं। इससे काम के लिए कर्मचारियों की तैनाती और उन्हें मिलने वाले पारिश्रमिक का तरीका बदल जाता है।” रिपोर्ट में 40 ऐसी भूमिकाओं की पहचान की गई है, जिन्हें मौजूदा टेक्नोलॉजी भूमिकाओं से AI के लिए तैयार किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, एक डेटा साइंटिस्ट 'फॉरवर्ड-डिप्लॉयड इंजीनियर' और एक डेवऑप्स इंजीनियर 'AI ऑप्स इंजीनियर' बन सकता है।

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक सर्विसेज़ बाज़ार के 2025 में लगभग 1.6-1.7 लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर 2030 तक 2.2-2.4 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें AI की भूमिका अहम होगी।

इनपुट: IANS

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