दिल्ली: चलती कार को बना रखा था साइबर ठगी का कॉल सेंटर, पुलिस ने 3 शातिर जालसाजों को दबोचा
दिल्ली पुलिस की ईस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए चलती कार में ही पूरा कॉल सेंटर चला रहा था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
दिल्ली पुलिस की ईस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए चलती कार में ही पूरा कॉल सेंटर चला रहा था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग बीमा पॉलिसी का पैसा दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुरानी कोंडली निवासी लोकेश तोमर (37), शाहदरा के तुषार (35) और कल्याण पुरी के हिमांशु राठौर के रूप में की है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के रहने वाले नीलेश विश्वकर्मा की शिकायत के बाद शुरू हुई थी।
कार में घूम-घूम कर करते थे ठगी
पीड़ित नीलेश ने पुलिस को बताया कि ठगों ने उन्हें बीमा पॉलिसियों में फंसे 45 लाख रुपये वापस दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए उन्होंने 'प्रोसेसिंग फीस' के नाम पर उनसे 65,000 रुपये वसूल लिए। शिकायत मिलने पर पूर्वी जिले के साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर एक संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली, जिसके बाद हिमांशु राठौर से जुड़ा इंडियन ओवरसीज बैंक का खाता शक के दायरे में आया। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान हो गई। सबसे पहले पुलिस ने हिमांशु को गिरफ्तार किया।
हिमांशु से पूछताछ में इस अनोखे modus operandi का खुलासा हुआ। उसने बताया कि वे पकड़े जाने से बचने के लिए एक सफेद रंग की कार को अपने मोबाइल ऑपरेशन बेस के तौर पर इस्तेमाल करते थे और लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहते थे। तकनीकी विश्लेषण और फील्ड निगरानी के जरिए पुलिस ने वाहन को ट्रैक कर लिया और पूर्वी दिल्ली के पुरानी कोंडली इलाके में उसे रोककर बाकी दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरोह में सबका काम था बंटा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के काम बंटे हुए थे। लोकेश तोमर पूरे ऑपरेशन का समन्वय करता था और फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराता था। तुषार खुद को अधिकारी या प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करता था और झांसे में लेकर उनसे OTP और अन्य बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेता था। वहीं, हिमांशु कमीशन के बदले ठगी के पैसे को अपने खातों में मंगवाता और फिर उसे आगे ट्रांसफर करता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार, 7 मोबाइल फोन, 15 बैंक/डेबिट/मेट्रो कार्ड, 5 पैन कार्ड, 4 आधार कार्ड, 6 चेकबुक, 3 पासबुक, ग्राहकों की सूची वाले 9 पेज और एक संदिग्ध जाली मुहर बरामद की है। पुलिस इस गिरोह के मुंबई और तेलंगाना में हुए साइबर फ्रॉड से जुड़े होने की भी जांच कर रही है।
इनपुट: IANS



