अफगानिस्तान के कृषि मंत्री भारत दौरे पर, दोनों देशों के बीच संबंधों को मज़बूत करने पर होगी चर्चा
अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी एक आधिकारिक दौरे पर मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और अफगानिस्तान के बीच आपसी संबंधों को और बढ़ान
अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी एक आधिकारिक दौरे पर मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और अफगानिस्तान के बीच आपसी संबंधों को और बढ़ाना तथा साझा हितों से जुड़े मसलों पर बातचीत करना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के विदेश मंत्रालय ने अफगान मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि वह आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा के लिए उत्सुक हैं।
यह यात्रा एक ऐसे समय में हो रही है जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है। हाल ही में, पाकिस्तानी हवाई हमलों में कई अफगान नागरिकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद भारत ने इन हमलों की कड़ी निंदा की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे "पाकिस्तान के लगातार लापरवाह बर्ताव और अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा के हताशाजनक कामों के जरिए अंदरूनी नाकामियों को बाहर दिखाने की उसकी बेकार कोशिश" बताया था।
अफगानिस्तान को भारत का निरंतर समर्थन
भारत ने पिछले हफ्ते ही सहायता और विकास परियोजनाओं के माध्यम से काबुल को अपना समर्थन जारी रखने का वादा किया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "हमने पाकिस्तान से अफगानिस्तान में हुए एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की थी, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कई आम लोगों की जान चली गई थी। हमने कीमती जानें जाने पर अपनी संवेदनाएं जाहिर की थीं और साथ ही हमने अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के लिए अपना मजबूत समर्थन भी दोहराया था।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान के लिए भारत की मानवीय सहायता लगातार जारी है। जायसवाल के अनुसार, "हम उन्हें दवाएं भेज रहे हैं। हम उन्हें दूसरी मदद भी भेज रहे हैं और हम ऐसे विकास परियोजनाएं भी दे रहे हैं जिनसे वहां के लोगों की जिंदगी को फायदा हो सकता है, और यह जारी है।"
मानवीय सहायता की हालिया खेप
भारत अफगानिस्तान के लोगों की भलाई के लिए लगातार मानवीय मदद पहुंचा रहा है। इसी प्रतिबद्धता के तहत 17 जून को भारत ने अफगानिस्तान को पांच टन आवश्यक दवाइयों की खेप भेजी थी। इससे पहले, 22 मई को अफगान बच्चों के टीकाकरण प्रयासों में मदद के लिए 20 टन बैसिलस कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) और टेटनस, डिप्थीरिया (टीडी) के टीके भी काबुल पहुंचाए गए थे।
इनपुट: IANS



