8वां वेतन आयोग: चंडीगढ़ में बैठकों का दौर शुरू, 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर होगा असर
देश के एक करोड़ से ज़्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन ढांचे को लेकर विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 8वें केंद्रीय वेतन…
देश के एक करोड़ से ज़्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन ढांचे को लेकर विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने बुधवार को चंडीगढ़ में तीन दिवसीय परामर्श बैठकों की शुरुआत की है। इस दौरान आयोग पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के विभिन्न कर्मचारी व पेंशनभोगी संगठनों से मुलाकात करेगा।
इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य वेतन संरचना, सेवा शर्तों और पेंशन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा करना है। इस प्रक्रिया से मिले सुझावों और प्रतिक्रियाओं को आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करते समय ध्यान में रखेगा। इन सिफारिशों का असर लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ना तय है, जिसमें रक्षा और रेलवे कर्मी भी शामिल हैं।
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इसमें फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग प्रमुख है, जिससे नए वेतनमान के तहत मूल वेतन में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा, महंगाई भत्ते (DA) की व्यवस्था में भी बदलाव की मांग की गई है। संगठन चाहते हैं कि डीए की समीक्षा ज़्यादा बार हो और एक निश्चित सीमा पर पहुंचने के बाद उसे मूल वेतन में मिला दिया जाए।
कई संगठनों ने बढ़ती महंगाई और शहरों में जीवनयापन की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए हाउस रेंट अलाउंस (HRA), परिवहन भत्ता और विशेष भत्तों की भी समीक्षा की मांग की है। वहीं, पेंशनभोगी संगठन सेवानिवृत्ति के बाद बेहतर आय सुरक्षा, पारिवारिक पेंशन में सुधार और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं।
आयोग की संरचना और समय-सीमा
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्षता कर रही हैं। आयोग में पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन सदस्य सचिव और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य पुलक घोष सदस्य के रूप में शामिल हैं। आयोग को अपनी सिफारिशें 3 नवंबर 2025 को गठन के 18 महीने के भीतर केंद्र सरकार को सौंपनी हैं। चंडीगढ़ में हो रही ये बैठकें इसी परामर्श प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा हैं।
इनपुट: IANS



