बुधवार, 16 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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आदिवासी उद्यमियों को मिलेगी नई उड़ान, केंद्र की स्टार्टअप योजना में केरल की KSUM बनी भागीदार

देश में अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य उनके स्टार्टअप्स को पहचान, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता देना…

आदिवासी उद्यमियों को मिलेगी नई उड़ान, केंद्र की स्टार्टअप योजना में केरल की KSUM बनी भागीदार
(फोटो: IANS)

देश में अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य उनके स्टार्टअप्स को पहचान, मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता देना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लागू करने के लिए देशभर से चुने गए 10 संस्थानों में केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) को भी शामिल किया गया है।

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इस पहल का मुख्य लक्ष्य आदिवासी युवाओं की उद्यमशीलता की क्षमता को उजागर करना और उन्हें रोजगार खोजने वालों की जगह रोजगार देने वाला बनाना है। इसके लिए जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने KSUM समेत 10 एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि आदिवासी समुदायों में नवाचार और उद्यमिता के लिए एक मजबूत माहौल तैयार किया जा सके।

क्या है योजना और इसका लक्ष्य?

इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत लगभग 1,000 अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से कम से कम 100 स्टार्टअप्स को 'अनुसूचित जनजातियों के लिए वेंचर कैपिटल फंड' (VCF-ST) के तहत फंडिंग और इनक्यूबेशन की सुविधा दी जाएगी। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि इसका उद्देश्य एसटी इनोवेटर्स और उद्यमियों के लिए मार्गदर्शन और अवसरों का विस्तार करना है।

वहीं, जनजातीय मामलों की राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने बताया कि यह पहल आदिवासी समुदायों में शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में विकास को गति देने के प्रयासों का एक हिस्सा है।

कैसे मिलेगी वित्तीय सहायता?

VCF-ST योजना के तहत फंडिंग के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं:

  • ₹50 लाख तक: इस सहायता के लिए कंपनी में अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों की कम से कम 51% हिस्सेदारी और प्रबंधन नियंत्रण होना चाहिए, और यह स्थिति कम से कम छह महीने तक बनी रही हो।
  • ₹50 लाख से अधिक: बड़ी राशि के लिए 51% एसटी हिस्सेदारी और प्रबंधन नियंत्रण की शर्त कम से कम 12 महीने तक पूरी करनी होगी।
  • इनक्यूबेशन फंडिंग: संतोषजनक प्रगति दिखाने पर योजना के तहत तीन वर्षों के लिए प्रति वर्ष 10 लाख रुपए तक की इनक्यूबेशन फंडिंग भी मिल सकती है। इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया अभी जारी है।

केरल में KSUM की भूमिका

केरल स्टार्टअप मिशन, जो राज्य सरकार की उद्यमिता विकास के लिए नोडल एजेंसी है, केरल में एसटी उद्यमियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। समझौता ज्ञापन के तहत, KSUM राज्य में अनुसूचित जनजाति के नेतृत्व वाले उद्यमों को क्षमता निर्माण, मार्गदर्शन, बाजार संपर्क और निवेश के लिए तैयार होने में मदद करेगा। KSUM के सीईओ अनूप अंबिका के अनुसार, केरल का स्टार्टअप इकोसिस्टम आदिवासी समुदायों के बीच नवाचार आधारित उद्यमिता को पहचानने और बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से अनुकूल है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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