असम में IIM गुवाहाटी का रास्ता साफ़, कैबिनेट ने 574 बीघा ज़मीन आवंटन को दी मंज़ूरी
असम सरकार ने राज्य में एक नए भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि प्रस्तावित IIM…
असम सरकार ने राज्य में एक नए भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि प्रस्तावित IIM गुवाहाटी के लिए 574 बीघा ज़मीन आवंटित की जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस फ़ैसले से राज्य के उच्च शिक्षा इकोसिस्टम को काफ़ी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यह निर्णय असम सरकार द्वारा शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक सेवाओं के विस्तार पर दिए जा रहे ज़ोर का हिस्सा है। कैबिनेट ने आईआईएम के अलावा भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अहम फ़ैसले लिए हैं।
प्रशासनिक और सामाजिक सुधार
एक बड़े प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत असम सचिवालय को एक नई पहचान दी जाएगी, जहाँ अब 32 विभाग एक ही परिसर से काम करेंगे। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न विभागों को एक एकीकृत ढांचे में लाकर सरकारी कामकाज को और सुचारू बनाना है।
इसके साथ ही, राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक नया नियामक ढाँचा (Regulatory Framework) लाया जाएगा। मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि इसके तहत 50 या उससे ज़्यादा लोगों की क्षमता वाले सभी काउंसलिंग सेंटरों के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, ताकि उनकी निगरानी और जवाबदेही तय की जा सके।
बच्चों और युवाओं पर फ़ोकस
कैबिनेट ने असम राज्य बाल संरक्षण विधेयक, 2026 के साथ-साथ किशोर न्याय से जुड़े प्रावधानों में संशोधनों को भी हरी झंडी दे दी है। इन बदलावों का मकसद बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कानूनी और संस्थागत ढाँचे को और मज़बूत करना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 17 सितंबर से युवाओं पर केंद्रित एक नया कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसके समन्वय में युवा और कल्याण विभाग की अहम भूमिका होगी। ये सभी घोषणाएँ राज्य में शैक्षिक और सामाजिक बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की सरकार की कोशिशों को दर्शाती हैं।
इनपुट: IANS



