बुधवार, 19 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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ओडिशा: बिल पास करने और प्रमाण पत्र जारी करने के बदले रिश्वतखोरी, दो सरकारी अधिकारी गिरफ्तार

ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को दो अलग-अलग जिलों में दो सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन…

ओडिशा: बिल पास करने और प्रमाण पत्र जारी करने के बदले रिश्वतखोरी, दो सरकारी अधिकारी गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को दो अलग-अलग जिलों में दो सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन मामलों में बालेश्वर की एक बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और मलकानगिरि जिले के एक राजस्व निरीक्षक (आरआई) शामिल हैं।

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बालेश्वर में गिरफ्तार की गईं अधिकारी की पहचान मधुस्मिता मोहंती के रूप में हुई है, जो सदर, बालेश्वर की सीडीपीओ के साथ-साथ बालेश्वर नगर पालिका की प्रभारी सीडीपीओ का पद भी संभाल रही थीं। विजिलेंस विभाग ने बताया कि उन्होंने एक व्यक्ति से उसके किराए पर दिए गए वाहन के बिल पास करने के बदले घूस की मांग की थी।

बिल भुगतान के बदले 5,000 रुपए की रिश्वत

आरोप है कि शिकायतकर्ता ने नगर पालिका में किराए पर लगे अपने वाहन के जून और जुलाई 2026 के बिल जमा किए थे। वाहन का मासिक किराया 26,000 रुपए था। इन बिलों का भुगतान जारी करने के एवज में मधुस्मिता मोहंती ने 5,000 रुपए की रिश्वत मांगी। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और मोहंती को बालेश्वर कलेक्ट्रेट परिसर में रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है। गिरफ्तारी के बाद, विभाग ने उनके आवास और कार्यालय में भी तलाशी ली। इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

प्रमाण पत्र के लिए राजस्व निरीक्षक ने मांगी घूस

एक अन्य मामले में, मलकानगिरि जिले की मलकानगिरि तहसील के झरापाली सर्किल के राजस्व निरीक्षक (आरआई) सूरज बाला को भी गिरफ्तार किया गया है। उन पर एक व्यक्ति से उसकी पत्नी के पक्ष में अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक सत्यापन रिपोर्ट देने के बदले घूस मांगने का आरोप है।

विजिलेंस के मुताबिक, आवेदक ने ऑनलाइन आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा कर दिया था, लेकिन सूरज बाला कथित तौर पर 10,000 रुपए की रिश्वत मांग कर प्रक्रिया में देरी कर रहे थे। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ने उन्हें 8,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जांच में यह भी पता चला कि सूरज बाला पर पहले से ही रिश्वतखोरी का एक मामला चल रहा है। 2023 में उन पर 15,000 रुपए घूस लेने का आरोप लगा था, जो अदालत में लंबित है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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