असम में बाढ़ का कहर: 30 चाय बागान प्रभावित, 75 लोगों की मौत, उत्पादन पर पड़ सकता है असर
असम में विनाशकारी बाढ़ ने राज्य के चाय उद्योग पर गंभीर असर डाला है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, कम से कम 30 चाय बागान बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में चाय उत्पादन…
असम में विनाशकारी बाढ़ ने राज्य के चाय उद्योग पर गंभीर असर डाला है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, कम से कम 30 चाय बागान बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में चाय उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। असम सरकार में मंत्री रामेश्वर तेली ने गुरुवार को गुवाहाटी में यह जानकारी दी।
पत्रकारों से बातचीत में तेली ने बताया कि शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, 30 बागानों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिनमें से 11 को भारी नुकसान हुआ है। यह आँकड़ा श्रम आयुक्त कार्यालय से मिली रिपोर्ट पर आधारित है।
जान-माल का भारी नुकसान
बाढ़ की इस त्रासदी में अब तक लगभग 75 लोगों की जान जा चुकी है। मंत्री रामेश्वर तेली ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि बचाव दल अभी भी बाढ़ के पानी में डूबे और मलबे में दबे इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने कहा, "अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक मरने वालों की संख्या 70 से 75 के बीच है, लेकिन यह संख्या और बढ़ सकती है।" तेली ने बताया कि बचाव कार्यों में एक बड़ी चुनौती पड़ोसी राज्य नागालैंड से बहकर आ रहा भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा है, जिससे तलाशी अभियान बाधित हो रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि लोग अब भी इसके नीचे दबे हो सकते हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रभावित जिलों में राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि राहत शिविरों में भोजन, पीने के पानी, दवाओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति हो। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विस्थापित लोगों तक बुनियादी ज़रूरतें पहुँचाने में कोई रुकावट न आए।
बचाव अभियान को और मजबूत करने के लिए कई इलाकों में भारतीय सेना को भी तैनात किया गया है। सेना के जवान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और जिला प्रशासन की टीमों के साथ मिलकर फंसे हुए लोगों को निकालने और सहायता पहुँचाने के काम में जुटे हैं। तेली के अनुसार, सरकार स्थिति पर करीब से नजर रख रही है और बहाली के काम में तेजी लाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर रही है।
इनपुट: IANS



