भारत में शराब सबसे बड़ा नशा: 15 करोड़ से ज़्यादा लोग करते हैं सेवन, सरकार ने लोकसभा में पेश किए आंकड़े
भारत में शराब का सेवन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, देश में 18 से 75 वर्ष की आयु के लगभग 15.10 करोड़ लोग शराब का सेवन करते…
भारत में शराब का सेवन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, देश में 18 से 75 वर्ष की आयु के लगभग 15.10 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं, जो इसे वयस्कों में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला नशीला पदार्थ बनाता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने एक लिखित जवाब में दी।
सर्वेक्षण के ये आंकड़े नशे की व्यापकता की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं। शराब के बाद दूसरे सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले नशीले पदार्थों में गांजा (कैनाबिस) है, जिसका सेवन करीब 2.90 करोड़ लोग करते हैं। इनके अलावा, 1.90 करोड़ लोग ओपिओइड, 1.10 करोड़ लोग नींद की गोलियों (सेडेटिव्स) और 60 लाख लोग सूंघकर इस्तेमाल किए जाने वाले नशीले पदार्थों (इनहेलेंट्स) के आदी हैं।
बच्चों और किशोरों में भी नशे की लत
चिंता की बात यह है कि नशे की यह समस्या सिर्फ वयस्कों तक सीमित नहीं है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर द्वारा किए गए इसी सर्वेक्षण से पता चलता है कि 10 से 17 साल के बच्चों और किशोरों का एक बड़ा वर्ग भी इसकी चपेट में है। आंकड़ों के अनुसार, इस आयु वर्ग में लगभग 40 लाख ओपिओइड, 30 लाख शराब, 30 लाख इनहेलेंट्स और 20 लाख गांजे का इस्तेमाल करने वाले हैं।
सरकार के प्रयास और 'नशा मुक्त भारत अभियान'
केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि सरकार नशे की मांग को कम करने और पुनर्वास के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, "सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय नशे की मांग को कम करने, नशा मुक्ति, पुनर्वास और सामाजिक न्याय से जुड़ी केंद्र प्रायोजित योजनाओं को लगातार मजबूत कर रहा है, ताकि समय पर आर्थिक सहायता, अधिक पारदर्शिता और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।"
सरकार ने 15 अगस्त 2020 को 'नशा मुक्त भारत अभियान' शुरू किया था, जिसे अगस्त 2023 तक देश के सभी जिलों में लागू कर दिया गया। इस अभियान के तहत अब तक 29.68 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई है, जिसमें 11.43 करोड़ से ज़्यादा युवा और 8.05 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। साथ ही, 28.29 लाख से अधिक लोगों का इलाज और पुनर्वास किया गया है। लोगों की सुविधा के लिए 'नशा मुक्त भारत अभियान 2.0' मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है, जिससे नज़दीकी नशा मुक्ति केंद्र को आसानी से खोजा जा सकता है।
इनपुट: IANS



