भारत की 68% आबादी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में, सरकार ने गिनाईं EPFO-ESIC सुधारों की उपलब्धियाँ
भारत में अब 101 करोड़ से ज़्यादा लोग किसी-न-किसी सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत कवर हो चुके हैं, जो देश की कुल आबादी का 68% से अधिक है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने भी…
भारत में अब 101 करोड़ से ज़्यादा लोग किसी-न-किसी सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत कवर हो चुके हैं, जो देश की कुल आबादी का 68% से अधिक है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने भी सराहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एक शिखर सम्मेलन में दी।
डॉ. मंडाविया ने एक ऐसे विकास मॉडल की आवश्यकता पर ज़ोर दिया जो श्रमिकों के कल्याण और नियोक्ताओं के लिए व्यापार करने में आसानी के बीच संतुलन बनाए रखे। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को साथ-साथ आगे बढ़ाने के लिए सरकार, उद्योग, श्रमिक और ट्रेड यूनियनों के बीच निरंतर समन्वय ज़रूरी है।
रोजगार और अर्थव्यवस्था में सुधार
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में रोजगार सृजन की दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अब सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में हर 1% की वृद्धि पर रोजगार में 1.11% की बढ़ोतरी हो रही है, जबकि 12 साल पहले यह आँकड़ा सिर्फ 0.008% था। उन्होंने आजीविका के अवसर बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में स्वयं सहायता समूहों (SHG) और सहकारी मॉडल की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया।
EPFO और ESIC में बड़े बदलाव
डॉ. मंडाविया ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) में हो रहे डिजिटल सुधारों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि EPFO में दावों की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाने और एक ही यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के ज़रिए खातों के ऑटोमैटिक ट्रांसफर की दिशा में काम चल रहा है। साथ ही, UPI आधारित निकासी की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा, ESIC में भी सुधार किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि अब केवल ESIC ही अपनी योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएँ नहीं देगा, बल्कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले निजी अस्पतालों को भी ESIC सुविधाओं के रूप में नामित किया जा सकेगा। इस कार्यक्रम में मौजूद ILO की दक्षिण एशिया निदेशक मिचिको मियामोतो ने भी इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए कहा कि यह आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देगी।
इनपुट: IANS



