दिल्ली: त्योहारी सीजन में विरोध-प्रदर्शनों की मार, बाजारों को रोजाना 100 करोड़ का नुकसान
त्योहारों की गहमागहमी के बीच दिल्ली के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। राजधानी में लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों, सड़क बंदी और…
त्योहारों की गहमागहमी के बीच दिल्ली के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। राजधानी में लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों, सड़क बंदी और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण कनॉट प्लेस जैसे बड़े व्यावसायिक केंद्रों को हर दिन करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारियों का दावा है कि यह स्थिति उनके साल के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी सीजन को बर्बाद कर रही है।
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने एजेंसी को बताया कि अकेले कनॉट प्लेस और उससे जुड़े इलाकों, जैसे जनपथ, पालिका बाजार, शंकर मार्केट और मोहन सिंह प्लेस में व्यापारियों को प्रतिदिन लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के लिए व्यापारियों ने पहले से ही बड़ा निवेश कर स्टॉक जमा कर लिया था, लेकिन अब बिक्री उम्मीद से बहुत कम है।
व्यापार ठप, ग्राहक नदारद
यह समस्या सिर्फ कनॉट प्लेस तक ही सीमित नहीं है। खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहता के अनुसार, उनके बाजार में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है। उन्होंने कहा, "अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के महीने व्यापारियों के लिए सबसे अहम होते हैं, क्योंकि इसी समय की कमाई साल भर के कारोबार को प्रभावित करती है।" इसी तरह, बंगाली मार्केट और लाजपत नगर के व्यापारी भी परेशान हैं।
लाजपत नगर मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप अरोरा ने बताया कि प्रदर्शनों के कारण व्यापार पर 50% तक असर पड़ा है और जिस दिन विरोध होता है, उस दिन बाजार लगभग पूरी तरह बंद हो जाता है। बंगाली मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने कहा कि जुलाई से ही व्यापार बुरी तरह प्रभावित है।
दुकानदारों की बढ़ती चिंताएं
कई दुकानदारों ने इस बात पर चिंता जताई कि प्रदर्शन अक्सर शाम के समय होते हैं, जब बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ होती है। सड़कों पर बैरिकेडिंग और भारी सुरक्षा व्यवस्था के कारण ग्राहक बाजारों तक पहुंच ही नहीं पाते। कुछ व्यापारियों ने दावा किया कि ग्राहकों की आवाजाही में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
एक दुकानदार ने कहा कि प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थानों का उपयोग होना चाहिए, ताकि आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी न हो। व्यापारियों का कहना है कि बिक्री घटने के बावजूद बिजली बिल, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्चे जस के तस बने हुए हैं, जिससे उन पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
इनपुट: IANS



