सवाल 125: वैश्यालयों से मिट्टी लेकर क्यों बनायीं जाती माँ दुर्गा की मूर्ति?

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Durga Puja
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देशभर में नवरात्र की शुरुआत हो चुकी हैं। नवरात्र के दौरान माँ दुर्गा की पूजा होती है। नौ दिनों में दुर्गा माँ के नौ रूपों की पूजा होती है। इस दौरान एक हैरान होने वाली बात सामने वह आती है कि जो दुर्गा देवी की मूर्ति बनती है वह वैश्यालय से लायी गयी मिटटी से तैयार होती है। हालांकि वैश्यावृत्ति को समाज में बहुत बुरा माना जाता है लेकिन जब पवित्र दुर्गा पूजा की बात होती है तो वहां की मिटटी की क्यों जरूरत पड़ती है। आइये इस बारें में आज जानते हैं।

आपको बता दें कि मूर्ति की सारी मिटटी वेश्यालय से नहीं होती है बस शगुन बस एक दो अंजुली ही मिट्टी ही प्रयोग में लायी जाती है। इस काम को बॉलीवुड फिल्म देवदास में अच्छी तरह से दिखाया गया है जब पारो चंद्रमुखी से दुर्गापूजा के लिए वैश्या चंद्रमुखी से मिटटी मांगने जाती है।

मान्याताओं के अनुसार कहा जाता है कि दुर्गा माता की मूर्ति बनाने के लिए चार चीजों की जरूरत होती है। पहला यह कि गंगा तट से लाई हुई मिट्टी, दूसरा गौमूत्र, तीसरा गोबर और चौथा वैश्यालय की मिट्टी।

जब इन चारों चीज़ों से मिटटी मूर्ति में लगती है तभी मूर्ति का निर्माण पूरा माना जाता है। कहा जाता है कि इनमें से कोई एक चीज भी कम हुई तो मूर्ति पूर्ण नहीं मानी जाती है।

वैश्यालय से मिट्टी लाने का रिवाज भी बहुत अनोखा है। मान्यता है कि मंदिर का पुजारी वैश्यालय के बाहर जाकर वेश्याओं से अपने आंगन की मिट्टी मांगता है। जबतक उसे मिट्टी नहीं मिलती वो वापस घर नहीं लौटता है। वैश्या अगर मिट्टी देने से मना कर दे तो तब भी वह झोली फैलाकर मिट्टी मांगता रहता है।

वैश्यालय से मिटटी लाने के पीछे कई कारण और मान्यताएं हैं। उनमे से कुछ नीचे बताये गए हैं।

1- कहा जाता है कि जब कोई व्यक्ति वैश्यालय जाता है तो वह अपनी सारी पवित्रता वहीं छोड़ आता है। ऐसे पता नहीं कितने लोग वहाँ जाते हैं और पवित्रता वहां छोड़ आते हैं जिससे वहां कि मिटटी पवित्र हो जाती है।

2 – वैश्यालय की मिट्टी को पवित्र मानने का दूसरी मान्यता यह है कि महिषासुर ने मां दुर्गा के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की थी। उसने मां दुर्गा की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की और उसी वजह से दुर्गा मां ने उसका वध किया। इसी कहानी के अनुसार वैश्यालय की मिटटी को पवित्र मानने का रिवाज है।

3- तीसरी मान्यताओं के मुताबिक वैश्याओं को उनके बुरे कर्म से मुक्ति दिलवाने के लिए उनके घर से मिट्टी लाकर उसका उपयोग दुर्गा मां की मूर्ति में किया जाता है। ऐसा करके उनके पापों का शुद्धिकरण किया जाता है।

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