सोमवार, 3 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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ईरान ने अमेरिका के साथ 'अप्रत्यक्ष वार्ता' की बात नकारी, ट्रंप के दावे को किया खारिज

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू होने की बात कही थी। ईरान के विदेश…

ईरान ने अमेरिका के साथ 'अप्रत्यक्ष वार्ता' की बात नकारी, ट्रंप के दावे को किया खारिज
(फोटो: IANS)

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू होने की बात कही थी। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ बातचीत की उसकी कोई योजना नहीं है।

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समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को एक साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, “किसी प्रतिनिधि का स्वागत करने या फिर किसी को बातचीत के लिए भेजने की हमारी कोई योजना नहीं है। फिलहाल हमारी यूएस से कोई बातचीत नहीं चल रही है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की किसी मध्यस्थ से भी कोई बात नहीं हो रही है।

क्षेत्र में तनाव और अमेरिकी भूमिका

बाघेई ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई को न सिर्फ एक देश, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “यह पूरे इलाके और इलाके के सभी देशों की सुरक्षा के खिलाफ जंग है।” प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले पांच महीनों में क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी से अस्थिरता और असुरक्षा बढ़ी है। उनके अनुसार, “अमेरिका फारस की खाड़ी के दक्षिणी किनारे पर मौजूद देशों का इस्तेमाल अपने सैन्य ठिकानों के लिए कर रहा है, यही कारण है कि असुरक्षा और अनिश्चितता का सामना ये भी कर रहे हैं।”

ट्रंप का दावा और ईरान का खंडन

इस्माइल बाघेई का यह बयान राष्ट्रपति ट्रंप के दावे के ठीक उलट है। ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा था कि सोमवार से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू होगी। उन्होंने यह तो नहीं बताया था कि यह वार्ता कहां होगी या इसमें कौन शामिल होगा, लेकिन यह दोहराया था कि इसमें होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। ट्रंप ने कहा, “हम जब चाहें कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन मैं लोगों को मारना नहीं चाहता। अगर समझौता हो जाता है तो बहुत-सी जानें बच जाएंगी।”

वहीं, बाघेई ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच मतभेद की वजह से बंद नहीं हुआ है, बल्कि इसकी “असल वजह अमेरिका-इजरायल का मिलिट्री हमला है।” उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस मुद्दे पर ओमान के साथ बातचीत सकारात्मक रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social इंटरनेशनल डेस्क

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