शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

कलानी इंपेक्स पर ED की बड़ी कार्रवाई: विदेश में अघोषित संपत्ति, बैंक खाते और संदिग्ध लेन-देन का खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत कलानी इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक धर्मेश नरेंद्र संगानी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में विदेशों मे

कलानी इंपेक्स पर ED की बड़ी कार्रवाई: विदेश में अघोषित संपत्ति, बैंक खाते और संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
(फोटो: IANS)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत कलानी इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक धर्मेश नरेंद्र संगानी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में विदेशों में रखी गई अघोषित संपत्तियों, बैंक खातों और संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय लेन-देन से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं, जिन्हें एजेंसी ने ज़ब्त कर लिया है।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह तलाशी अभियान गुरुवार को फेमा, 1999 के प्रावधानों के तहत चलाया गया। जांच में ईडी ने पाया कि कंपनी को निर्यात के बदले जो पैसा भारत आना चाहिए था, वह काफी समय बीत जाने के बाद भी नहीं आया। कई मामलों में विदेशी खरीदारों से निर्यात की आय मिली ही नहीं।

जांच में सामने आईं वित्तीय अनियमितताएं

एजेंसी ने पाया कि बकाया राशि की वसूली के लिए कोई दस्तावेजी प्रयास नहीं किए गए और न ही अधिकृत डीलर बैंक से समय बढ़ाने की अनुमति ली गई। इसके अलावा, कुछ मामलों में निर्यात का भुगतान ऐसी तीसरी पार्टी की कंपनियों से मिला, जिनका नाम न तो निर्यात के बिल में था और न ही शिपिंग बिल में खरीदार के तौर पर दर्ज था।

कनाडा और UAE में अघोषित संपत्ति का खुलासा

तलाशी के दौरान ईडी को विदेशों में मौजूद अघोषित संपत्ति और बैंक खातों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज़ हाथ लगे हैं। जांच से यह भी पता चला है कि निदेशक धर्मेश संगानी की एक कनाडाई कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है, जिसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भी उनकी एक अघोषित कारोबारी इकाई का पता चला है।

एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, अब तक कनाडा, अमेरिका और यूएई में कई ऐसे विदेशी बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है, जिनकी जानकारी छिपाई गई थी। यह भी सामने आया है कि अमेरिका और ब्रिटेन के कस्टम अधिकारी भी धर्मेश संगानी के कुछ लेन-देन की जांच कर रहे हैं, और अब ईडी भी इन लेन-देन में फेमा के संभावित उल्लंघन की पड़ताल कर रहा है।

इनपुट: IANS

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