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DTC Driver Murder: दिल्ली में कैसे गीता ने गीता संग मिलकर पति को मरवाया, 15 लाख की दी सुपारी

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DTC Driver Murder: दिल्ली में कैसे गीता ने गीता संग मिलकर पति को मरवाया, 15 लाख की दी सुपारी

DTC Driver Murder: दिल्ली में कैसे गीता ने गीता संग मिलकर पति को मरवाया, 15 लाख की दी सुपारी

विशेष संवाददाता, नई दिल्लीः दिल्ली के गोविंदपुरी थाना इलाके में संजीव कुमार (45) पत्नी और बेटे के साथ बाइक से जा रहे थे। बाइक चलाते-चलाते वह अचानक बाइक से गिर पड़े। जख्मी हालत में उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत करार दिया। पहले इस घटना को सड़क हादसा माना जा रहा था, लेकिन डॉक्टर ने खुलासा किया कि मृतक को गोली लगी थी। इसके बाद पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुट गई और संजीव कुमार की हत्या का राज खुल गया। पुलिस ने मृतक की पहली और दूसरी पत्नी समेत एक बेटी को भी गिरफ्तार किया है। दोनों पत्नियों ने ही करीब तीन साल पहले अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। जिसमें एक बेटी भी शामिल हो गई थी। योजना थी कि संजीव के मरने के बाद इसकी प्रॉपर्टी को सभी आपस में बांट लेंगे। इसके लिए दूसरी पत्नी ने अपने पति की हत्या करने के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी दी थी।

​सुपारी किलर अभी भी फरार​, हत्या में बेटी भी शामिल

हालांकि, इस मामले में अभी सुपारी किलर समेत दो आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाए हैं। ना ही पुलिस को हत्या में इस्तेमाल हथियार मिला है। साउथ-ईस्ट दिल्ली की डीसीपी ईशा पाण्डेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गीता, गीता देवी उर्फ नजमा और कोमल हैं। 42 साल की गीता अपने बच्चों के साथ दक्षिणपुरी में अकेले रह रही है। यह मृतक संजीव की पहली पत्नी है। जिसे छोड़कर संजीव ने 28 साल की गीता देवी उर्फ नजमा से शादी कर ली थी। यह गोविंदपुरी में रह रही थी। इसके अलावा 21 साल की कोमल मृतक की बेटी है। इनके पास से हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल भी बरामद किए गए हैं। (फोटोः मृतक की बेटी)

​मोबाइल से डिलीट की गई एक फोटो से खुला राज​

पुलिस ने बताया कि इन तीनों को एसीपी प्रदीप कुमार की टीम ने पकड़ा है। संजीव की हत्या 6 जुलाई को सब्जी मार्केट से आते हुए की गई थी। उस वक्त वह अपनी दूसरी पत्नी गीता उर्फ नजमा और बेटे के साथ बाइक से घर आ रहे थे। तभी रास्ते में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। पत्नी ने शक कालकाजी डिपो के कुछ डीटीसी कर्मचारियों पर जताया था, लेकिन तफ्तीश में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। पुलिस ने शक के आधार पर गीता उर्फ नजमा का मोबाइल फोन चेक किया, तो इसमें वारदात से एक दिन पहले 5 जुलाई को एक फोटो डिलीट हुई मिली। तफ्तीश में पता लगा कि वह फोटो संजीव की बाइक की नंबर प्लेट वाली थी। जो वारदात से एक दिन पहले किसी को भेजी गई थी और फिर डिलीट कर दी गई। यहीं से पुलिस को इस मामले को सुलझाने में बड़ा टर्निंग पॉइंट हाथ लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर नजमा टूट गई। उसने सब सच उगल दिया। (फोटोः संजीव की पहली पत्नी गीता)

​छुटकारा पाने और प्रॉपर्टी पर कब्जे के लिए हत्या​

गीता उर्फ नजमा ने बताया कि पति की हत्या कराने में वह अकेली नहीं बल्कि संजीव की पहली पत्नी गीता और बेटी कोमल भी शामिल हैं। संजीव उन्हें बहुत परेशान करता था। इस वजह से उन्होंने उससे छुटकारा पाने और उसकी प्रॉपर्टी अपने हिस्से करने के इरादे से उसकी हत्या करा डाली। नजमा ने अपनी बुआ के लड़के इकबाल से संपर्क कर शार्प शूटर नयूम का इंतजाम कराया था। नयूम ने इस काम के लिए 15 लाख रुपये में डील पक्की की थी। नयूम ने इकबाल के साथ मिलकर हत्या कर डाली। दोनों अभी फरार हैं। (फोटोः गीता उर्फ नजमा)

​पुलिस को भटकाने की कोशिश

संजीव कुमार परिवार के साथ गोविंदपुरी के ट्रांजिट कैंप में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी गीता के अलावा बेटा ललित (27), बेटी कोमल (20), प्रेरणा (11) और बेटा गौरव (9) हैं। संजीव डीटीसी में ड्राइवर थे और कालकाजी डिपो में तैनात थे। वह कर्मचारी यूनियन के नेता भी थे। इनके दो भाई भी आसपास ही अपनी फैमिली के साथ रहते हैं। संजीव की पत्नी गीता ने हादसे के बाद पुलिस को बताया था कि वह अपने पति और छोटे बेटे गौरव के साथ चक्की में गेहूं रखने गई थीं। बाइक से लौटते वक्त सब्जी खरीद कर बुधवार रात करीब 8:30 बजे ट्रांजिट कैंप के पुलिस बूथ के पास पहुंचे थे। इसी दौरान एक तेज आवाज गूंजी और उनके पति कुछ ही सेकंड में बाइक समेत गिर पड़े। वो खुद भी बेहोश हो गईं। थोड़ी देर में होश आया तो उनकी सास भी वहां पहुंच चुकी थीं। दोनों ने शोर मचाया तो पति को जख्मी हालत में एक कार से अस्पताल ले जाया गया। (फोटोः मृतक संजीव कुमार)

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