मोबाइल पाने के लिए रची 25 हजार की लूट कहानी: सिम और लोकेशन ने खोली पोल; राजगढ़ में फरियादी पर ही दर्ज हुआ केस – rajgarh (MP) News h3>
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में मोबाइल गुम होने के बाद उसे तलाशने के लिए एक युवक ने 25 हजार रुपए और मोबाइल लूटने की झूठी कहानी गढ़ दी। युवक ने पहले राजगढ़ कोतवाली और फिर खिलचीपुर थाने पहुंचकर नकाबपोश बदमाशों द्वारा लूट की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला गंभीरता से लेकर जांच शुरू की तो मोबाइल की लोकेशन और सिम की डिटेल से पूरा मामला संदिग्ध निकला। पूछताछ में युवक ने खुद कबूल कर लिया कि उसका मोबाइल पहले ही गिर गया था और उसे वापस पाने के लिए उसने झूठी लूट की कहानी बनाई थी। बताया था- बकरी खरीदने गया था
खिलचीपुर टीआई कमल सिंह गहलौत ने शुक्रवार को बताया कि राजगढ़ कोतवाली क्षेत्र के दिलावरी गांव निवासी मोरसिंह तंवर (42) ने 2 जून को पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि 1 जून को वह खिलचीपुर के सोमवारिया हाट बाजार में बकरी खरीदने गया था। वहां पसंद की बकरी नहीं मिलने पर वह बाइक से वापस अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान प्रेमपुरा और दिलावरी के बीच नदी के पास तीन नकाबपोश बदमाशों ने उसकी बाइक रोक ली। आरोप था कि बदमाशों ने मारपीट कर उसकी जेब से 25 हजार रुपए और वीवो कंपनी का मोबाइल लूट लिया। पहले मोरसिंह राजगढ़ कोतवाली पहुंचा, लेकिन घटनास्थल खिलचीपुर थाना क्षेत्र में आने के कारण उसे वहां भेज दिया गया। खिलचीपुर पुलिस ने उसकी शिकायत पर तत्काल लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मोबाइल लालपुरिया के गिर गया था
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस मोबाइल को लूटा हुआ बताया जा रहा है, उसमें लगी सिम 21 मई तक चालू थी। इसके बाद 23 मई को उसी मोबाइल में दूसरी सिम एक्टिव पाई गई। पुलिस ने कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन के आधार पर बनकट उर्फ पंकज तंवर को हिरासत में लिया। उसके पास से फरियादी का मोबाइल भी बरामद हो गया। पूछताछ में पंकज ने बताया कि उसे यह मोबाइल 22 मई को देहरी ठाकुर और लालपुरिया के पास पड़ा मिला था। इसके बाद उसने उसमें दूसरी सिम डालकर मोबाइल का उपयोग शुरू कर दिया था। मोबाइल बरामद होने और घटनाक्रम में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने फरियादी मोरसिंह से सख्ती से पूछताछ की। तब उसने स्वीकार किया कि उसका मोबाइल 21 मई को कहीं गिर गया था। मोबाइल वापस पाने के लिए उसने झूठी लूट की कहानी बनाकर रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। पुलिस ने मामले में फरियादी मोरसिंह तंवर के खिलाफ झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने पर धारा 217 और 248 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। वहीं मोबाइल मिलने के बाद भी उसे अपने पास रखने वाले बनकट उर्फ पंकज तंवर के खिलाफ धारा 314 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी।