शनिवार, 11 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
Breaking News Hindi

क्या विद्यार्थियों को वर्तमान युग में इतिहास पढ़ने की आवश्यकता है ?

इतिहास शब्द इति ( ऐसा ही ) + ह (निश्चित रूप से )  + आस ( था ) इन तीन शब्दों से मिलकर बना है. जिसका अर्थ होता है- निश्चित रूप से ऐसा ही था.

क्या विद्यार्थियों को वर्तमान युग में इतिहास पढ़ने की आवश्यकता है ?

इतिहास शब्द इति ( ऐसा ही ) + ह (निश्चित रूप से )  + आस ( था ) इन तीन शब्दों से मिलकर बना है. जिसका अर्थ होता है- निश्चित रूप से ऐसा ही था. इतिहास को परिभाषित करने के लिए इतिहासकारों ने अनेंक परिभाषाएं दी हैं. लेकिन यदि बिल्कुल साधारण शब्दों में यदि इतिहास का अर्थ समझे तो, वर्तमान समय से पहले जो भी घटित हुआ है, उसके बारे में जानने को हम इतिहास कह सकते हैं. इतिहास का क्षेत्र बहुत बड़ा है. जिसमें राजनैतिक , आर्थिक , सामाजिक , पर्यावरण बहुत से क्षेत्रों को शामिल कर सकते हैं.

विज्ञापन
वीडियो

आज के वर्तमान युग में इतिहास को पढ़ने या लिखने की आवश्यकता को लेकर लोगों में अनेंक मत हो सकते हैं. इसके लिए अनेंक तर्क भी दिए जा सकते हैं. इतिहास का विरोध करने वालों का मत है कि इतिहास पढ़ने से हमें क्या फायदा होगा. जो समय बीत गया है, उस समय किसी शासक ने शासन किया हो, हमारे वर्तमान जीवन को वह कैसे प्रभावित कर सकता है. इसलिए हमें व्यर्थ में इतिहास पढ़ने में समय व्यतीत ना करते हुए विज्ञान जैसे विषयों पर ध्यान देना चाहिए जो हमारे वर्तमान और भविष्य को प्रभावित कर सकता है.

History of clothing in India
इतिहास

अगर वर्तमान समय में इतिहास पढ़ने की आवश्यकता का समर्थन करने वाले लोगों के तर्क देखें, तो उनका मानना है कि हमें अपने अतीत पर गर्व करना चाहिएं. किस तरह से मानव ने तरक्की करते हुए अपने आप को वर्तमान में धरती पर सभी जीवों से श्रेष्ट साबित किया है. इसको जानकर हम अपने आप को नई खोजों के लिए और जीवन जीने के लिए उत्साहित रख सकते हैं. कहा भी जाता है कि हमें दूसरों की गलतियों से सीखना चाहिए. इतिहास की जानकारी के आधार पर हम अच्छे से फैसला कर सकते हैं कि अतीत में किसी शासक या व्यक्ति ने क्या गलती की और उसका क्या परिणाम रहा. जिससे हमारा जीवन बेहतर बन सकता है.

14 01 2019 edit 1 13 18852095
इतिहास

इतिहास को पढ़ने के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक बार कौटिल्य ने कहा था कि राजा को प्रतिदिन कुछ समय इतिहास श्रवण में लगाना चाहिए.

यह भी पढ़ें: महात्मा गांधी और नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बीच मतभेद का कारण

इतिहास का ज्ञान होना आज के समय में भी बहुत महत्व रखता है. जिससे हमें अहसास होता रहे कि जिस आजाद भारत में हम जी रहे हैं, उसके लिए कितना बड़ा बलिदान दिया गया या जिस लोकतंत्र ने हमें अपनी बात रखने और प्रतिनिधि चुनने का अधिकार दिया उसका विकास कैसे हुआ.

KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →