शनिवार, 8 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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गुजरात की डिजिटल पहल को राष्ट्रीय सम्मान, दिव्यांग बस पास अब डिजिलॉकर में उपलब्ध

गुजरात सरकार की एक नागरिक-केंद्रित डिजिटल पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राज्य के दिव्यांग जनों के लिए जारी होने वाले बस पास को अब डिजिटल लॉकर यानी 'डिजिलॉकर' से जोड़ दिया गया है। समाचार…

गुजरात की डिजिटल पहल को राष्ट्रीय सम्मान, दिव्यांग बस पास अब डिजिलॉकर में उपलब्ध
(फोटो: IANS)

गुजरात सरकार की एक नागरिक-केंद्रित डिजिटल पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राज्य के दिव्यांग जनों के लिए जारी होने वाले बस पास को अब डिजिटल लॉकर यानी 'डिजिलॉकर' से जोड़ दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभिनव प्रयोग के लिए केंद्र सरकार ने गुजरात को 'एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस' पुरस्कार से सम्मानित किया है।

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इस सुविधा के लागू होने से अब दिव्यांग यात्रियों को गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) की बसों में सफर के लिए भौतिक यानी फिजिकल पास साथ रखने की अनिवार्यता खत्म हो गई है। वे बस कंडक्टर को अपने मोबाइल में मौजूद डिजिलॉकर ऐप में संग्रहीत पास दिखाकर मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टेक्नोलॉजी के माध्यम से शासन को आसान, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के विजन के अनुरूप है।

पास धारकों के लिए सुविधा और सुरक्षा

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव हर्षद पटेल (आईएएस) ने बताया, “डिजिलॉकर से इस पास के जुड़ने के बाद दिव्यांगजनों को अब मूल फिजिकल पास को अपने साथ रखने की जरूरत नहीं है। यही नहीं, इस पास के खो जाने या क्षतिग्रस्त होने की चिंता भी नहीं रहती।” यह डिजिटल पास हमेशा डिजिलॉकर में सुरक्षित रहता है और इसे कभी भी एक्सेस किया जा सकता है, जिससे पेपरलेस गवर्नेंस को भी बढ़ावा मिलता है।

राज्य में अब तक 4.42 लाख से अधिक दिव्यांग बस पास जारी किए जा चुके हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा के अनुसार, “सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले ‘दिव्यांग बस पास’ योग्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक आधिकारिक दिव्यांगता पहचान पत्र के रूप में काम करता है।”

पुरस्कार और अतिरिक्त लाभ

गुजरात सरकार की इस पहल को मई 2024 में 'राज्यों के डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचा मजबूत करना' विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिविजन (NeGD) द्वारा प्रदान किया गया।

मुफ्त बस यात्रा के अलावा, यह पास धारकों को 4 लाख रुपये का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर भी प्रदान करता है। पास धारक की आकस्मिक मृत्यु होने की स्थिति में, उनका नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी जरूरी दस्तावेज जमा करके बीमा राशि का दावा कर सकता है।

इनपुट: IANS

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News4Social गुजरात डेस्क

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