रविवार, 12 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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'ड्राई स्टेट' गुजरात में आर्मी कैंटीन से जवानों को शराब वितरण के लिए इस कारण बदलनी पड़ी पॉलिसी

गुजरात तो वैसे 'ड्राई स्टेट' के नाम से जाना जाता है। जिसका मतलब होता है शराबबंदी। यही कारण है कि यहाँ अवैध शराब की बिक्री बहुत ज्यादा होती है।

'ड्राई स्टेट' गुजरात में आर्मी कैंटीन से जवानों को शराब वितरण के लिए इस कारण बदलनी पड़ी पॉलिसी

गुजरात तो वैसे 'ड्राई स्टेट' के नाम से जाना जाता है। जिसका मतलब होता है शराबबंदी। यही कारण है कि यहाँ अवैध शराब की बिक्री बहुत ज्यादा होती है। अवैध शराब खरीदने का सबसे बड़ा जरिया यहाँ आर्मी कैंटीन हैं। यहाँ से मिलने वाली शराब गुजरात भर में काफी लोकप्रिय है लेकिन नए नियम के लागू होने के चलते यहां लोगों को आर्मी वाली शराब खरीदने में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसा कहा जाता है कि सेना के जवान भी अपने कोटे से 2 से 4 शराब की बोतलें बेचकर अक्सर पैसा कमाते थे हालांकि शराब की अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए सेना ने अपनी शराब बांटने वाली पॉलिसी में भी बदलाव किए हैं।

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गौरतलब है कि गुजरात में शराबबंदी लागू है इसीलिए यहाँ शराब पीने वाले लोगो के आर्मी कैंटीन से शराब खरीदना आसान लगता था। ऐसा कहा जाता है कि आर्मी कैंटीन की शराब बहुत शुद्ध है। हाल ही में अहमदाबाद पुलिस को छापेमारी के दौरान सेना के कोटे वाली शराब अधिक मात्रा में मिली थी। इसके बाद अहमदाबाद की आर्मी कैंटोमेंट कैंटीन ने परमिट होल्डरों को शराब की बोतल देने के नियम में बदलाव किए हैं। नए नियम के मुताबिक अब कैंटीन एक समय में परमिट होल्डर को केवल दो शराब की बोतल देगी। पहले एक परमिट होल्डर 4 बोतल पाता था। बदले गए नियम के अनुसार ड्यूटी पर तैनात अधिकारी बोतल पर साइन करके सील भी रिमूव करेंगे। इसके अलावा नई बोतल खरीदने के लिए पुरानी बोतलों को वैलिड साइन के साथ वापस करना भी जरूरी होगा।

Liquor

यह नियम रिटायर्ड जवानों के लिए मान्य नहीं होगा। बता दें कि हर महीने सेवारत जवानों को पांच यूनिट और रिटायर्ड जवानों को 4 यूनिट शराब शराब आर्मी कैंटीन की तरफ से दी जाती है। जबकि नायब सूबेदार और अधिकारियों के लिए कोटा 6 और 10 यूनिट होता है।

विषयगुजरात
PV

Pradeep Verma

Hindi literature , Films Enthusiastic, Screenplay Writer and Cricket Lover. सभी लेख देखें →

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