दिल्ली: 'ठक-ठक' गैंग के दो शातिर चोर गिरफ्तार, लाखों की नकदी और गहनों समेत भारी मात्रा में सामान बरामद
दिल्ली पुलिस की गाड़ी चोरी-रोधी दस्ते (AATS) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात 'ठक-ठक' गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को धर दबोचा है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों आरोपी ध्यान भटकाकर गाड़ियों से कीमती
दिल्ली पुलिस की गाड़ी चोरी-रोधी दस्ते (AATS) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात 'ठक-ठक' गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को धर दबोचा है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों आरोपी ध्यान भटकाकर गाड़ियों से कीमती सामान उड़ाने में माहिर थे और दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा में चोरी की कई वारदातों में शामिल रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इनकी गिरफ्तारी से चोरी के कई मामले सुलझने की उम्मीद है।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान गंगेश नायडू (40) और विक्रम (33) के रूप में हुई है, दोनों ही दक्षिणपुरी, अंबेडकर नगर के रहने वाले हैं। इनके पास से 6 लाख रुपये नकद, एक लैपटॉप, एक मैकबुक, दो मोबाइल फोन, सोने की पाँच चूड़ियाँ और तीन चेन बरामद की गई हैं। इसके अलावा, 1.1 किलोग्राम चाँदी की वस्तुएँ, एक घड़ी, ईयरबड्स, चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार और एक स्कूटी भी ज़ब्त की गई है।
शातिर अपराधी, लंबा है रिकॉर्ड
जांच में यह बात सामने आई है कि ये दोनों सिर्फ छोटे-मोटे चोर नहीं, बल्कि एक अंतर-राज्यीय गिरोह का हिस्सा हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गंगेश नायडू के खिलाफ विभिन्न राज्यों में 34 मामले दर्ज हैं, जबकि विक्रम पर दिल्ली-एनसीआर में 42 केस चल रहे हैं, जिनमें से ज़्यादातर गुरुग्राम के थानों में हैं।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
इनका काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये गिरोह उन लोगों को निशाना बनाता था जो अपनी गाड़ियों में नकदी या कीमती सामान लेकर चल रहे होते थे। आरोपी किसी बहाने से गाड़ी पर 'ठक-ठक' करके ड्राइवर का ध्यान भटकाते थे और जैसे ही व्यक्ति गाड़ी से बाहर आता या दूसरी तरफ देखता, गिरोह का दूसरा सदस्य पलक झपकते ही गाड़ी से बैग या अन्य कीमती सामान लेकर स्कूटी पर फरार हो जाता था।
IANS के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, एएटीएस की दक्षिणी जिला टीम को 30 जून को इन दोनों की गतिविधियों के बारे में एक गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने जाल बिछाया और दोनों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इनके अन्य साथियों की पहचान करने और बरामद सामान को दूसरे लंबित मामलों से जोड़ने की कोशिश कर रही है।
इनपुट: IANS



