शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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दिल्ली: विरोध-प्रदर्शनों से त्योहारी बाज़ार फीके, व्यापारियों को रोज़ाना करोड़ों के नुकसान की आशंका

दिल्ली के प्रमुख बाज़ारों में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों ने त्योहारी मौसम की रौनक़ पर ग्रहण लगा दिया है। व्यापारियों का दावा है कि प्रदर्शनों के कारण ग्राहक खरीदारी के लिए नहीं आ रहे हैं, जिससे उन्हें…

दिल्ली: विरोध-प्रदर्शनों से त्योहारी बाज़ार फीके, व्यापारियों को रोज़ाना करोड़ों के नुकसान की आशंका
(फोटो: IANS)

दिल्ली के प्रमुख बाज़ारों में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों ने त्योहारी मौसम की रौनक़ पर ग्रहण लगा दिया है। व्यापारियों का दावा है कि प्रदर्शनों के कारण ग्राहक खरीदारी के लिए नहीं आ रहे हैं, जिससे उन्हें हर दिन करोड़ों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, खान मार्केट से लेकर कनॉट प्लेस तक के दुकानदारों ने बिक्री में भारी गिरावट को लेकर गहरी चिंता जताई है।

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नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि कनॉट प्लेस, जनपथ, पालिका बाज़ार, शंकर मार्केट और आसपास के इलाकों के कारोबार पर असर पड़ने से व्यापारियों को रोज़ाना लगभग 100 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला कई दिनों से जारी है और अगर हालात नहीं सुधरे तो यह नुकसान और बढ़ सकता है।

त्योहारों पर आर्थिक संकट की चिंता

अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के महीने व्यापारियों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण समय होते हैं। खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहता के मुताबिक, इन्हीं महीनों की कमाई से व्यापारी साल भर के खर्चों का प्रबंधन करते हैं। उन्होंने कहा, "बाज़ार में मुश्किल से चार ग्राहक घूमते दिख रहे हैं। प्रदर्शनों के डर से लोग नहीं आ रहे और हमारा माल दुकानों में पड़ा है।" मेहता ने हिंदू त्योहारों के दौरान हो रहे इन प्रदर्शनों के समय पर भी सवाल उठाया।

व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने त्योहारों को देखते हुए पहले से ही भारी मात्रा में सामान खरीदकर निवेश किया हुआ है, लेकिन अब बिक्री न होने से वे मुश्किल में हैं। एक व्यापारी कुलदीप कुमार ने तो यह दावा किया कि इन प्रदर्शनों के कारण पूरी दिल्ली के व्यापारियों को रोज़ाना 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

कारोबारियों की आजीविका पर संकट

व्यापारी संगठनों ने अपनी आजीविका को लेकर चिंता जताई है। बंगाली मार्केट एसोसिएशन के महासचिव प्रमोद गुप्ता ने प्रदर्शनकारियों को विदेशी फंडिंग मिलने संबंधी रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि अगर उन्हें पैसा मिल रहा है तो उनकी गतिविधियां चलती रहेंगी, लेकिन सवाल यह है कि व्यापारियों का कारोबार कैसे चलेगा। अतुल भार्गव ने भी स्पष्ट किया कि व्यापारी अपने नुकसान की भरपाई करना चाहते हैं और इसीलिए वे कनॉट प्लेस में किसी भी तरह का विरोध-प्रदर्शन नहीं चाहते हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social दिल्ली डेस्क

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