आंध्र प्रदेश: सत्य साई जिले में जलाशय देखने गईं 5 महिलाओं की डूबने से मौत, जांच के आदेश
आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें पांच महिलाओं की जलाशय में डूबने से मृत्यु हो गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना पेनुकोंडा के पास…
आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें पांच महिलाओं की जलाशय में डूबने से मृत्यु हो गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना पेनुकोंडा के पास स्थित गोल्लापल्ली जलाशय में घटी, जहां ये महिलाएं घूमने गई थीं। पीड़ितों में एक मां-बेटी भी शामिल थीं।
पुलिस के मुताबिक, दरगापेट की रहने वाली 50 वर्षीय गायत्री अपनी बेटी अश्विनी और तीन पड़ोसियों — पुष्पा, हसीना और महीन — के साथ जलाशय देखने पहुंची थीं। अधिकारियों ने बताया कि संभवतः पैर फिसलने के कारण वे पानी में गिर गईं और डूब गईं। बाद में स्थानीय मछुआरों ने उनके शवों को पानी से बाहर निकाला।
घटना का विवरण और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि मृतकों में शामिल अश्विनी की हाल ही में शादी हुई थी और वह मुंबई में रहती थीं। वह दशहरा की छुट्टियों में अपने माता-पिता के घर आई हुई थीं। पेनुकोंडा के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) शिव प्रसाद ने जानकारी दी कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सभी मृतक पेनुकोंडा मंडल के दुर्गापेट की निवासी थीं।
राजनीतिक हस्तियों ने जताया शोक
इस घटना पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने जिला कलेक्टर को दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और जलाशयों जैसे गहरे पानी वाले क्षेत्रों में लाइफगार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे 'अत्यंत पीड़ादायक' बताया। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता और पर्याप्त आर्थिक मदद दी जाए।
इनपुट: IANS



