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मेरठ: किसान नेता ने एसएसपी पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर का लगाया आरोप, पुलिस ने आरोपों को किया खारिज

मेरठ में भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे और एक इंस्पेक्टर पर हिरासत में बेरहमी से पीटने और एक आंख फोड़ने का गंभीर आरोप लगाया…

मेरठ: किसान नेता ने एसएसपी पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर का लगाया आरोप, पुलिस ने आरोपों को किया खारिज
(फोटो: IANS)

मेरठ में भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे और एक इंस्पेक्टर पर हिरासत में बेरहमी से पीटने और एक आंख फोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर भाटी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह अपनी सूजी हुई बाईं आंख और शरीर पर चोट के निशान दिखा रहे हैं। वहीं, पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा विवाद 8 जुलाई को हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी कॉलेज छात्रा ललिता गौतम की हत्या की जांच को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे, जिसका शव 15 मई को मेरठ के रोहटा इलाके के एक खेत से मिला था। प्रदर्शन के हिंसक होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और 63 लोगों पर केस दर्ज किया था।

किसान नेता के गंभीर आरोप

दिग्विजय भाटी ने दावा किया है कि वह बुधवार को एसएसपी पांडे से मिलकर एफआईआर से अपना नाम हटाने की मांग करने गए थे, क्योंकि घटना के वक्त वह वहां मौजूद नहीं थे। भाटी ने आरोप लगाया, "जब मैं और मोहित कप्तान से मिलने पहुंचे तो वे हमें एक केबिन में ले गए। अंदर ले जाने के बाद 3-4 लोगों ने हमें कोहनियों से मारा और बेरहमी से पीटा।" उन्होंने आगे कहा, "जब मैं एसएसपी के पैरों पर गिर रहा था, तो उन्होंने मुझे लात मारी। लात सीधे मेरी आंख पर लगी। डॉक्टर अब कह रहे हैं कि मेरी आंख केवल 30 फीसदी तक ही ठीक हो पाएगी।"

भाटी के अनुसार, पिटाई के बाद सिविल लाइन के इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को बुलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर उन्हें एसओजी कार्यालय ले गए, जहां उनके पैर बांधकर उल्टा लटकाया गया और फिर से पीटा गया। उन्होंने यह भी कहा, "अखिलेश ने फोन पर एसएसपी को हमारी चीखें सुनाईं। एसएसपी और इंस्पेक्टर ने हमें जमकर गालियां भी दीं।"

पुलिस का क्या कहना है?

मेरठ पुलिस ने एक्स पर एक आधिकारिक बयान जारी कर दिग्विजय भाटी के सभी आरोपों का खंडन किया है। पुलिस का कहना है कि दिग्विजय सिंह भाटी और मोहित जाटव के खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं और वे अपने-अपने थानों के हिस्ट्रीशीटर हैं।

पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त को दोनों व्यक्ति अपने खिलाफ दर्ज मामलों पर चर्चा के लिए सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन आए थे। वहां से लौटते समय कथित तौर पर उनका स्कूटर फिसल गया, जिससे वे गिर गए और उन्हें चोटें आईं। पुलिस ने यह भी बताया कि भाटी और जाटव ने खुद इस घटना के संबंध में सिविल लाइंस थाने में एक लिखित आवेदन दिया था, जिसे जनरल डायरी में दर्ज किया गया है।

एसएसपी का तबादला

इस बीच, यह मामला सामने आने के बाद मेरठ के एसएसपी अविनाश पाण्डेय का तबादला कर दिया गया है। उन्हें पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। उनकी जगह झांसी में तैनात बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नियुक्त किया गया है।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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