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गौतमबुद्धनगर: 19 महीनों के अभियान में 95% से ज्यादा लापता बच्चे मिले, पुलिस ने 3500 से अधिक लोगों को खोजा

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने पिछले 19 महीनों में गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए चलाए गए एक विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान 95 प्रतिशत से अधिक लापता बच्चों को सुरक्षित बरामद कर उनके…

गौतमबुद्धनगर: 19 महीनों के अभियान में 95% से ज्यादा लापता बच्चे मिले, पुलिस ने 3500 से अधिक लोगों को खोजा
(फोटो: IANS)

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने पिछले 19 महीनों में गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए चलाए गए एक विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान 95 प्रतिशत से अधिक लापता बच्चों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। समाचार एजेंसी IANS से मिले आंकड़ों के अनुसार, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में यह अभियान 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 तक चलाया गया, जिसमें कुल 3,581 गुमशुदा लोगों को उनके प्रियजनों से मिलाया गया।

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पुलिस ने इस व्यापक अभियान में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया और मुखबिर तंत्र समेत कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और आश्रय गृहों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी गहन तलाशी अभियान चलाया गया।

अभियान के आंकड़े: ज़ोन-वार बरामदगी

सेंट्रल नोएडा: इस ज़ोन में बरामदगी का प्रतिशत सबसे अधिक रहा। यहां कुल 1,702 वयस्कों की गुमशुदगी दर्ज हुई, जिनमें से 1,555 (91.36%) को खोज निकाला गया। वहीं, बच्चों से जुड़े 258 मामलों में से 252 (97.67%) को सुरक्षित बरामद किया गया।

नोएडा ज़ोन: यहां के नौ थाना क्षेत्रों में 965 वयस्कों के लापता होने की रिपोर्ट थी, जिसमें से 810 (83.93%) लोगों को ढूंढ लिया गया। बच्चों से संबंधित 249 मामलों में से 236 को सफलतापूर्वक बरामद किया गया।

ग्रेटर नोएडा: इस ज़ोन में 681 वयस्कों में से 597 को खोजा गया, जबकि 143 बच्चों में से 131 को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया।

चुनौतियां और विशेष मामले

पुलिस के अनुसार, मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों और बच्चों की तलाश सबसे चुनौतीपूर्ण होती है, खासकर जब परिवार वाले सूचना देने में देरी करते हैं। ऐसे मामलों में तकनीकी के साथ-साथ मानवीय खुफिया जानकारी पर भी निर्भर रहना पड़ता है। थाना कासना क्षेत्र से लापता हुए 10 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक को मथुरा के राजकीय बालगृह से बरामद किया गया। इसी तरह, सेक्टर-49 से लापता हुईं दो नाबालिग लड़कियों को भी पुलिस टीम ने कुछ ही दिनों में ढूंढ निकाला।

हॉटस्पॉट की पहचान और निगरानी

पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों का विश्लेषण कर कुछ ऐसे क्षेत्रों को 'हॉटस्पॉट' के रूप में चिन्हित किया है, जहां ऐसी घटनाएं अधिक होती हैं। इनमें नोएडा के सदरपुर, बरोला; सेंट्रल नोएडा के भंगेल, कुलेसरा; और ग्रेटर नोएडा के कस्बा कासना जैसे इलाके शामिल हैं। इन जगहों पर पुलिस गश्त, सीसीटीवी निगरानी और स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस का कहना है कि बाकी बचे लोगों की तलाश के लिए भी विशेष टीमें सक्रिय हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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