अहमदाबाद: चैरिटेबल ट्रस्ट से ₹10,000 की रिश्वत लेने वाले आयकर अधिकारी को 3 साल की सज़ा
अहमदाबाद की एक सीबीआई अदालत ने एक दशक से भी पुराने रिश्वतखोरी के मामले में आयकर अधिकारी को दोषी ठहराते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी अधिकारी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया…
अहमदाबाद की एक सीबीआई अदालत ने एक दशक से भी पुराने रिश्वतखोरी के मामले में आयकर अधिकारी को दोषी ठहराते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी अधिकारी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला एक चैरिटेबल ट्रस्ट को छूट प्रमाण पत्र जारी करने के बदले रिश्वत मांगने से जुड़ा था।
मामला साल 2013 का है, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने संयुक्त/अतिरिक्त आयकर आयुक्त (लेखा परीक्षा) कार्यालय में तैनात आयकर अधिकारी (ओएसडी) जरनैल बी. सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी।
क्या थे आरोप?
आरोप था कि जरनैल सिंह ने 'श्रीलेखा विविधलक्ष्मी चैरिटेबल ट्रस्ट' को आयकर अधिनियम की धारा 11 और 80जी के तहत छूट का प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और 22 फरवरी, 2013 को अधिकारी को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
मामले की पूरी टाइमलाइन
इस मामले में सीबीआई ने उसी साल 31 अक्टूबर, 2013 को आरोपपत्र दाखिल किया था। लंबी सुनवाई के बाद, अदालत ने 21 अगस्त, 2026 को आरोपी जरनैल बी. सिंह को दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान किया।
इनपुट: IANS



