बॉलीवुड फिल्म 'धमाल' के राइट्स को लेकर धोखाधड़ी, निर्देशक इंद्र कुमार और निर्माता पर 1.50 करोड़ की ठगी का केस
बॉलीवुड की मशहूर कॉमेडी फिल्म 'धमाल' के राइट्स बेचने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने जाने-माने निर्देशक इंद्र कुमार और निर्माता अशोक…
बॉलीवुड की मशहूर कॉमेडी फिल्म 'धमाल' के राइट्स बेचने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने जाने-माने निर्देशक इंद्र कुमार और निर्माता अशोक ठाकरिया के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनी मारुति इंटरनेशनल के जरिए फिल्म के अधिकार पहले ही किसी और को बेचने के बावजूद एक दूसरी कंपनी को बेच दिए।
यह शिकायत फिल्म डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी 'ग्रैंड मास्टर' के मालिक विकास बलदेवराज साहनी ने दर्ज कराई है। 17 अगस्त 2024 को अंबोली पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के मुताबिक, साहनी की कंपनी ने 15 अक्टूबर 2019 को एक एग्रीमेंट के तहत फिल्म 'धमाल' के सभी वर्ल्डवाइड डिस्ट्रीब्यूशन, डिजिटल और कॉपीराइट अधिकार 1.50 करोड़ रुपये में खरीदे थे। तब उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि ये अधिकार किसी तीसरे पक्ष को नहीं बेचे गए हैं।
क्या हैं धोखाधड़ी के आरोप?
शिकायत में कहा गया है कि बाद में यह बात सामने आई कि निर्माता-निर्देशक ने 2015 में ही फिल्म के लाइफटाइम ओटीटी और डिजिटल राइट्स 'शेमारू एंटरटेनमेंट लिमिटेड' को बेच दिए थे। विकास साहनी ने आरोप लगाया है कि जब इस धोखे का खुलासा हुआ, तो आरोपियों ने अक्टूबर 2020 में शेमारू के साथ एक संशोधित करार कर 'ग्रैंड मास्टर' के कानूनी अधिकारों को दबाने की कोशिश की और एक फर्जी एग्रीमेंट भी दिखाया।
कानूनी स्थिति और कंपनी का दावा
पीड़ित व्यवसायी ने पुलिस को कई दस्तावेज सौंपे हैं, जो उनके मालिकाना हक की पुष्टि करते हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर भारत सरकार के कॉपीराइट कार्यालय ने 28 अप्रैल 2023 को एक प्रमाण पत्र जारी कर 'ग्रैंड मास्टर' को फिल्म का आधिकारिक कॉपीराइट होल्डर माना है। इसके अलावा, जनवरी 2020 में निर्माताओं ने खुद फिल्म लैब को पत्र लिखकर फिल्म के ओरिजिनल नेगेटिव का मालिकाना हक भी 'ग्रैंड मास्टर' को सौंप दिया था।
साहनी के अनुसार, इस धोखाधड़ी के कारण उनकी कंपनी के कई दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ चल रहे सौदे रद्द हो गए, जिससे उन्हें करोड़ों का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि 2 जनवरी 2023 को भेजे गए कानूनी नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
इनपुट: IANS



