बेंगलुरु: हाई-टेक चोर पलक झपकते ही लग्ज़री गाड़ियाँ करते थे गायब, महिला समेत दो गिरफ्तार
बेंगलुरु पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो आधुनिक उपकरणों की मदद से लग्ज़री कारें चुराता था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में एक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया…
बेंगलुरु पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो आधुनिक उपकरणों की मदद से लग्ज़री कारें चुराता था। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में एक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 35 लाख रुपये की एक टोयोटा फॉर्च्यूनर कार भी बरामद हुई है। जांच में पता चला है कि गिरोह का मुख्य आरोपी इन कारों को चुराकर राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में बेच देता था।
यह मामला तब सामने आया जब चेन्नई के एक व्यक्ति ने 26 जून 2026 को अपनी टोयोटा फॉर्च्यूनर चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। वह होसुर रोड स्थित सिंगासांद्रा के एक होटल में रुके थे और रात में अपनी कार पार्किंग में खड़ी की थी। अगली सुबह गाड़ी वहां से गायब थी, जिसके बाद उन्होंने परप्पना अग्रहारा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 4 जुलाई 2026 को बेलगावी-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कराड के पास जाल बिछाया। यहां से मुख्य आरोपी तो चोरी की कार लेकर भाग निकला, लेकिन उसकी महिला साथी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पूछताछ में महिला ने जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी की तलाश तेज कर दी। 17 जुलाई 2026 को पुलिस को एक विश्वसनीय सूचना मिली, जिसके आधार पर उसे सिल्क बोर्ड इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
कैसे देते थे चोरी को अंजाम?
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह आधुनिक तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल कर लग्ज़री कारों की डुप्लीकेट चाबियां बना लेता था। इन्हीं चाबियों की मदद से वह आसानी से कार का लॉक खोलकर उसे चुरा लेता था। चोरी की इन गाड़ियों को वह राजस्थान के बाड़मेर और बालोतरा जैसे इलाकों में अपने संपर्कों के माध्यम से बेचता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को राजस्थान के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के एक रेगिस्तानी इलाके से चोरी हुई फॉर्च्यूनर बरामद कर ली।
पुलिस ने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ बेंगलुरु, हैदराबाद, राजस्थान और तमिलनाडु के विभिन्न थानों में पहले से ही 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अदालत ने उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



