रिश्वतखोरी का आरोप: अयोध्या के 4 पुलिसकर्मी जयपुर में गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथों पकड़ा
राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के चार पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ये…
राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के चार पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ये पुलिसकर्मी एक मामले से नाम हटाने के बदले में 2.8 लाख रुपए की घूस ले रहे थे, जब उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी मंगलवार को जयपुर में एक ट्रैप ऑपरेशन के दौरान हुई।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अयोध्या के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में तैनात सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह और तीन कॉन्स्टेबल — पवन त्रिपाठी, सोहनलाल और गौरव चाराग शामिल हैं।
मामला और ACB की कार्रवाई
एंटी-करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि उन्हें एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि अयोध्या के साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक केस से उसके भाई का नाम हटाने के एवज में ये पुलिसकर्मी रिश्वत मांग रहे थे।
शिकायत मिलने पर ब्यूरो ने सबसे पहले सोमवार को इस आरोप का सत्यापन किया। पुष्टि के दौरान कॉन्स्टेबल गौरव चाराग ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपए की मांग की। बातचीत और मोलभाव के बाद सौदा 2 लाख 80 हजार रुपए में तय हुआ।
रिश्वत की मांग की पुष्टि हो जाने के बाद, मंगलवार को ACB ने जाल बिछाया। ऑपरेशन के दौरान, कॉन्स्टेबल सोहनलाल ने शिकायतकर्ता से 2.8 लाख रुपए लिए। उस वक्त सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह और अन्य दो कॉन्स्टेबल भी वहां मौजूद थे। रकम लेते ही ACB की टीम ने चारों पुलिसकर्मियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
आगे की जांच जारी
यह पूरा ऑपरेशन ACB जयपुर के उप महानिरीक्षक रामेश्वर सिंह की देखरेख में चलाया गया, जिसका नेतृत्व सीकर यूनिट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार और पुलिस निरीक्षक सुभाष मील ने किया।
एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमाला की निगरानी में अब आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच करेगा। ACB ने जनता से भी अपील की है कि वे भ्रष्टाचार की सूचना टोल-फ्री नंबर '1064' या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 94135-02834 पर दें।
इनपुट: IANS



