पालीताना तीर्थ: श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शेरों की निगरानी के लिए ड्रोन और वॉच टावर लगेंगे
गुजरात के प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल पालीताना की शत्रुंजय पहाड़ी पर एशियाई शेरों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनज़र, राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए कई अहम कदम उठाने का फैसला किया है…
गुजरात के प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल पालीताना की शत्रुंजय पहाड़ी पर एशियाई शेरों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनज़र, राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए कई अहम कदम उठाने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन उपायों में ड्रोन से निगरानी, नए वॉच टावर और विशेष ट्रैकिंग टीमों की तैनाती शामिल है। यह निर्णय गांधीनगर में वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया।
बैठक में 'श्री आनंदजी कल्याणजी पेढ़ी' के जैन नेताओं ने भी हिस्सा लिया, जिन्होंने हाल के महीनों में तीर्थ यात्रा मार्ग पर शेरों के देखे जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी। पिछले एक साल से वन विभाग इस क्षेत्र में शेरों की आवाजाही पर बारीकी से नज़र रख रहा है।
सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने बताया कि चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए चार प्री-फैब्रिकेटेड वॉच टावर और चार सेंटर-कम-केबिन स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, ड्रोन तकनीक का उपयोग कर शेरों की गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी जाएगी। उन्होंने कहा, "शेरों की ट्रैकिंग और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए स्थानीय युवाओं को अस्थायी रूप से काम पर रखा जाएगा।" साथ ही, यात्रा मार्ग की मरम्मत भी की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को चढ़ाई में आसानी हो।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह और अन्य योजनाएं
मंत्री ने तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे सूरज उगने के बाद ही पहाड़ी पर चढ़ना शुरू करें और सूर्यास्त से पहले अपनी यात्रा पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि शेर आमतौर पर बिना उकसावे के इंसानों पर हमला नहीं करते, लेकिन परेशान किए जाने पर वे आक्रामक हो सकते हैं। सरकार इस पूरे इलाके को 'साइलेंट जोन' घोषित करने की संभावना पर भी विचार कर रही है।
बैठक में शामिल राज्य मंत्री प्रवीण माली और जैन संगठन के प्रतिनिधियों ने वन विभाग के साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई। 'श्री आनंदजी कल्याणजी पेढ़ी' ने कहा कि उनका संगठन हमेशा से श्रद्धालुओं से वन्यजीवों को परेशान न करने और शांति बनाए रखने की अपील करता रहा है। वन विभाग को आगामी समय में इन सभी प्रस्तावित व्यवस्थाओं को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
इनपुट: IANS



