जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने के आरोप में बिहार का युवक हापुड़ से गिरफ्तार, मेरठ के मदरसे में कर चुका है पढ़ाई
उत्तर प्रदेश ATS ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के आरोप में बिहार के एक युवक को हापुड़ से गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान मोहम्मद जफर के रूप में…
उत्तर प्रदेश ATS ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के आरोप में बिहार के एक युवक को हापुड़ से गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान मोहम्मद जफर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। अधिकारियों ने बताया कि उसके मोबाइल से पाकिस्तान स्थित भारत-विरोधी समूहों से जुड़ी जानकारी मिली है।
आरोप है कि जफर मस्जिद निर्माण के नाम पर चंदा इकट्ठा कर उस पैसे को आतंकी संगठन को भेजता था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह भारत में जिहाद को बढ़ावा देने की बातें करता था। गिरफ्तारी के बाद उसकी पृष्ठभूमि को लेकर नई जानकारी सामने आई है, जिसमें पता चला है कि उसने मेरठ के एक मदरसे में लगभग पांच साल तक पढ़ाई की थी।
मदरसा प्रिंसिपल ने जताई हैरानी
जिस मदरसे में जफर पढ़ता था, वहां के प्रिंसिपल मोहम्मद रिजवान ने इस घटना पर हैरानी जताई है। उन्होंने IANS को बताया, "हम सोच भी नहीं सकते थे कि ऐसा कुछ हो सकता है।" रिजवान के मुताबिक, जफर का व्यवहार मदरसे में बिल्कुल सामान्य था और वह कद-काठी में भी छोटा और दुबला-पतला था। उन्होंने कहा कि कोई छात्र संस्था छोड़ने के बाद किन गतिविधियों में शामिल हो जाता है, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
पढ़ाई में था कमजोर, 2022 में छोड़ा मदरसा
प्रिंसिपल ने जफर के अकादमिक रिकॉर्ड की जानकारी देते हुए बताया कि उसने 2018 में नौवीं कक्षा में दाखिला लिया था। वह पढ़ाई में कमजोर था और 10वीं कक्षा में कई बार फेल हुआ। आख़िरकार 2022 में वह मदरसा छोड़कर चला गया। रिजवान ने कहा, "इसके बाद वह क्या कर रहा था, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। हमें बस इतना पता था कि वह बिहार के पूर्णिया का रहने वाला है।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर जफर पर लगे आरोप साबित होते हैं तो यह बेहद निंदनीय है।
इनपुट: IANS



