एयर इंडिया AI-171 हादसा: अंतिम रिपोर्ट से पहले पायलट संगठन ने जांच एजेंसी से तकनीकी चर्चा की मांग की
अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI-171 के दुखद हादसे की जांच अपने अंतिम चरण में है। इस बीच, पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) से अंतिम…
अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI-171 के दुखद हादसे की जांच अपने अंतिम चरण में है। इस बीच, पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) से अंतिम रिपोर्ट जारी करने से पहले एक औपचारिक तकनीकी बैठक की मांग उठाई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, संगठन चाहता है कि विमान के परिचालन और तकनीकी पहलुओं पर उसके सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
यह मांग सुप्रीम कोर्ट के 28 जुलाई के एक आदेश के बाद सामने आई है। उस आदेश में केंद्र सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया था कि जांच प्रक्रिया के दौरान पायलट संगठन द्वारा दी गई तकनीकी टिप्पणियों और सुझावों पर उचित विचार किया जाएगा। FIP ने जांच एजेंसी से आग्रह किया है कि उसे इस मामले में एक महत्वपूर्ण हितधारक के रूप में मान्यता दी जाए और उसके द्वारा प्रस्तुत तकनीकी पक्ष को जांच के रिकॉर्ड में शामिल किया जाए।
तकनीकी पहलुओं पर चर्चा का आग्रह
FIP के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने एक पत्र लिखकर जांच अधिकारी और संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों के साथ व्यक्तिगत सुनवाई या बैठक का अवसर देने का अनुरोध किया है। संगठन का कहना है कि वे कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने तकनीकी सुझाव देना चाहते हैं। इनमें फ्लाइट सिम्युलेटर परीक्षण, घटना के क्रम का विश्लेषण, चालक दल का प्रदर्शन और मानवीय कारक, विमान और उसके सिस्टम का व्यवहार, तथा ऑपरेशनल और नियामकीय निगरानी जैसे पहलू शामिल हैं।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य जांच में हस्तक्षेप करना या उसके निष्कर्षों को प्रभावित करना नहीं है। FIP ने अपने पत्र में कहा, "हमारा उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम निष्कर्ष तय होने से पहले जांच प्राधिकरण के समक्ष सभी प्रासंगिक परिचालन और तकनीकी दृष्टिकोण उपलब्ध हों।" पायलट संगठन ने यह भी मांग की है कि जांच एजेंसी यह बताए कि उनके द्वारा उठाए गए हर तकनीकी मुद्दे की जांच किस विशेषज्ञ या विभाग ने की है।
दुर्घटना और जांच की पृष्ठभूमि
यह मामला 12 जून को हुए उस भीषण हादसे से जुड़ा है, जब एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (उड़ान AI-171) अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी, जो भारत के हालिया विमानन इतिहास की सबसे गंभीर दुर्घटनाओं में से एक है।
चूंकि जांच रिपोर्ट अक्टूबर के पहले सप्ताह तक आने की उम्मीद है, इसलिए FIP ने 15 सितंबर से पहले यह तकनीकी बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया है। अब सभी की निगाहें AAIB की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे दुर्घटना के असली कारणों का पता चलने और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के उपाय सामने आने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



